अब गांव की बेटी देवांशी बनी फ्लाइंग ऑफिसर. वायु सेना का उड़ाएगी विमान. बिलासपुर जिले के डीएवी स्कूल से प्राप्त की अपनी प्रारंभिक शिक्षा

अब गांव की बेटी देवांशी बनी फ्लाइंग ऑफिसर. वायु सेना का उड़ाएगी विमान. बिलासपुर जिले के डीएवी स्कूल से प्राप्त की अपनी प्रारंभिक शिक्षा kshititech
देवांशी शर्मा बनी फ्लाइंग ऑफिसर

अब गांव की बेटी देवांशी बनी फ्लाइंग ऑफिसर. वायु सेना का उड़ाएगी विमान

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर की देवांशी शर्मा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर इतिहास रच दिया है। वह क्षेत्र की पहली महिला हैं, जिन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ है। हिमाचल प्रदेश की इस होनहार बेटी ने देश की रक्षा सेवाओं में शामिल होकर अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। गांव की बेटी अब फाइटर जेट उड़ाएगी। नादौन विधानसभा क्षेत्र की नौहंगी पंचायत के समहूं गांव की निवासी देवांशी शर्मा, नीना शर्मा और इंजीनियर राजेश शर्मा की पुत्री हैं। वह अपने क्षेत्र की पहली महिला हैं, जिनका चयन भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर हुआ है।देवांशी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर जिले के बरमाण स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। वह एक मेधावी छात्रा रहीं और दसवीं तथा बारहवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित दिल्ली विवि से भौतिकी (ऑनर्स) में बीएससी की डिग्री प्राप्त की तथा पंजाब यूनिवर्सिटी से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन (Defence and Strategic Studies) में मास्टर डिग्री हासिल की।मास्टर डिग्री के दौरान उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) उत्तीर्ण किया और इसके बाद एसएसबी (SSB) साक्षात्कार में सफलता प्राप्त कर भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए चयनित हुईं।देवांशी का परिवार रक्षा सेवाओं से गहरा जुड़ाव रखता है। उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की प्रेरणा अपने नाना, सेवानिवृत्त कर्नल रोशन लाल शर्मा से मिली। उनके पिता इंजीनियर राजेश शर्मा भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन कंपनी एनटीपीसी में रायबरेली में कार्यरत हैं।देवांशी ने जून 2025 में तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित एयरफोर्स अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 13 जून 2026 को आयोजित संयुक्त स्नातक पासिंग आउट परेड में उन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्रदान किया गया।
समारोह के दौरान पाइपिंग सेरेमनी में फ्लाइंग ऑफिसर देवांशी शर्मा के पिता इंजीनियर राजेश शर्मा और माता नीना शर्मा ने उनके कंधों पर अधिकारी रैंक के बैज लगाए। उनकी माता नीना शर्मा को उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा और शक्ति माना जाता है।देवांशी शर्मा सेवानिवृत्त जोनल डायरेक्टर डॉ. ओपी शर्मा की पौत्री हैं, जिन्हें वर्ष 2026 में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इंजीनियर राजेश शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही वर्दी पहनकर देश सेवा करने का सपना देखती थी। वहीं, माता नीना शर्मा ने कहा कि अपनी बेटी को भारतीय वायुसेना की अधिकारी की वर्दी में देखकर उन्हें अत्यंत गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है।

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