मां कामाख्या देवी गुवाहाटी के कपाट हुए बंद.26 जून को खुलेगा मंदिर. मां कामाख्या देवी का रजस्वला काल वार्षिक मासिक धर्म आरंभ होने पर दर्शन हेतु मंदिर हो जाता है बंद. सोमवार से ही भक्तों के लिए बंद कर दिया गया है मंदिर


मां कामाख्या देवी गुवाहाटी के कपाट हुए बंद.26 जून को खुलेगा मंदिर. मां कामाख्या देवी का रजस्वला काल वार्षिक मासिक धर्म आरंभ होने पर दर्शन हेतु मंदिर हो जाता है बंद
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -असम के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में चार दिवसीय अंबुबाची मेले की शुरुआत सोमवार रात से हो गई। इस अवसर पर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं।मान्यता के अनुसार, अंबुबाची पर्व के दौरान मां कामाख्या का वार्षिक रजस्वला काल (मासिक धर्म) आरंभ होता है, इसलिए इस अवधि में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं।कामाख्या देवालय के ‘सारू डोलोई’ हिमाद्री शर्मा ने बताया कि ‘प्रवृत्ति’ के अवसर पर सोमवार रात 9:08 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। तीन दिनों तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ संपन्न होंगे।इसके बाद ‘निवृत्ति’ की प्रक्रिया पूरी होने पर 26 जून की सुबह सूर्योदय के बाद मंदिर के द्वार आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 23 से 25 जून तक लगातार तीन दिन और तीन रात महायज्ञ का आयोजन होगा।
देवी भगवती के पवित्र स्नान और अन्य धार्मिक रस्मों के बाद मुख्य समारोह 26 जून को संपन्न होगा। कामरूप महानगर जिला प्रशासन के अनुसार इस वर्ष मेले में लगभग आठ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्षों में भी बड़ी संख्या में देश-विदेश से भक्त यहां पहुंचे थे।असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा सरमा ने अंबुबाची महायोग के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां कामाख्या की कृपा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करे। उन्होंने इस पावन अवसर पर देवी के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन भी किया

