पड़ोसी देशों में पोलियो के वायरस मिलने से सरकार हुई अलर्ट

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पड़ोसी देशों में पोलियो के वायरस मिलने से सरकार हुई अलर्ट

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -पाकिस्तान, अफगानिस्तान में पोलियो वायरस मिलने से सरकार चौकन्ना हो गयी है। बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए रविवार से ‘जिंदगी की दो बूंद’ कही जाने वाली पोलियोरोधी दवा पिलाने का अभियान शुरू होगा। शून्य से पांच वर्ष तक के 3.30 करोड़ बच्चों को यह दवा पिलाई जानी है। पहले दिन दवा पिलाने के लिए 1.10 लाख बूथ बनाये गये हैं। सोमवार से 70 हजार टीमें और 35 हजार पर्यवेक्षक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाएंगे।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ.पिंकी जोवेल ने बताया कि राज्य 16 वर्षों से पोलियो मुक्त है। मगर, इस वर्ष पाकिस्तान, अफगानिस्तान में पोलियो के वायरस पाये गये हैं, जिनके यात्रा करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए सरकार अति सतर्कता बरत रही है। क्योंकि दुनिया जब तक पोलियो मुक्त नहीं होगी, इस वायरस के संक्रमण का खतरा खत्म नहीं होगा। इस बार बच्चों को दवा पिलाना उद्देश्य नहीं बल्कि पोलियो वायरस का राज्य में प्रवेश रोकना है। प्रदेश में 6,500 ट्रांजिट और 1,700 मोबाइल टीमें बस, टेंपो स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ईंट भट्टों और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में पोलियो रोधी दवा पिलायेंगी।परिवार कल्याण के महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने बतााया कि ईंट भट्टों, मलिन बस्तियों, घुमंतू, फैक्ट्री क्षेत्रों और निर्माणाधीन स्थलों पर रहने वाले परिवार पोलियों की दृष्टि ज्यादा संवेदनशील हैं। जिन पर विशेष फोकस रहेगा है।राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि 7,92,640 परिवार चिन्हित किए गए हैं। इनमें 72,977 घुमंतू परिवार, 24,352 निर्माणाधीन स्थलों पर और 1,81,166 परिवार अस्थायी मलिन बस्तियों में रहते हैं। 1,35,090 लोग ईंट भट्टों में रहते हैं।इसके अतिरिक्त 3,79,055 अन्य प्रवासी क्षेत्रों के परिवारों के बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं। प्रदेश में नेपाल सीमा पर 30 टीकाकरण पोस्ट स्थापित किए गए हैं। जो बच्चे किन्हीं कारणों से दवा सेवन से वंचित रह जाएंगे उन्हें छह जुलाई को मॉप अप राउंड के दौरान दवा पिलाई जाएगी।

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