महंगी कार में आए थे ठसके से- सोना चांदी दुकानदार को नकली मंगलसूत्र बेचकर फरार हो गए ठग। पुलिस की सक्रियता से कार सहित पकड़ा गया ठगो को. अनजान लोगों से ना खरीदें सोना चांदी. ज्वेलरी की बढ़ती कीमतों ने बढ़ा दी है अपराधों की संख्या


महंगी कार में आए थे ठसके से- सोना चांदी दुकानदार को नकली मंगलसूत्र बेचकर फरार हो गए ठग। पुलिस की सक्रियता से कार सहित पकड़ा गया ठगो को
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति-वर्तमान समय में सोने चांदी की बढ़ती कीमतों के चलते ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं। एवं ठग इतने शातिर हो गए हैं कि वे ग्रामीण क्षेत्र की सोना चांदी दुकानों में पहुंचकर नकली ज्वेलरी को इस तरीके से पेश करते हैं कि दुकानदार भी उनके चंगुल में फंस जाता है। कुछ इसी तरह से एक मामला जांजगीर चांपा जिले में भी देखने को मिला जब दो लोग बड़े ठसके से महंगी कार में उतरे और उन्होंने दुकानदार को अपने चंगुल में लेकर नकली मंगलसूत्र बेचकर उसकी राशि लेकर फरार हो गए किंतु उनको को पकड़ने में पुलिस ने भी अपनी ताकत लगा दी। तथा चंद घंटे में ही वे पुलिस की गिरफ्त में थे।मामला पामगढ़ शहर की एक ज्वेलरी दुकान का है।सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी सफेद रंग की एक बलेनो कार दुकान के सामने आकर रुकी। कार से उतरे दो युवक बेहद आत्मविश्वास से अंदर पहुंचे। चेहरे पर घबराहट नहीं, बातचीत में अपनापन और हाथ में ऐसा मंगलसूत्र जिसे देखकर किसी को भी सोना होने का भ्रम हो जाए।लेकिन यह पूरी कहानी एक सुनियोजित ठगी का हिस्सा थी। दुकानदार को क्या पता था कि कुछ ही मिनटों में उसके सामने ऐसा खेल खेला जाएगा, जिसका पर्दाफाश होने तक शातिर ठग काफी दूर निकल चुके होंगे। जब दुकानदार हिमांशु सोनी ने खरीद का बिल मांगा तो एक युवक ने बिना झिझक अपना नाम अमित तिवारी बताते हुए एक बिल सामने रख दिया। बिल देखने और मंगलसूत्र की बाहरी चमक से दुकानदार को विश्वास हो गया कि जेवर असली सोने का है। सौदा तय हुआ और 40 हजार रुपये नकद दोनों युवकों को दे दिए गए।रुपये हाथ में आते ही दोनों उसी बलेनो कार में बैठकर तेज रफ्तार से निकल गए।कुछ देर बाद दुकानदार ने मंगलसूत्र की बारीकी से जांच की तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसे वह सोना समझकर गिरवी रख चुका था, वह असल में बेनटेक्स का नकली मंगलसूत्र निकला।अब साफ हो चुका था कि यह कोई साधारण लेन-देन नहीं बल्कि पहले से रची गई ठगी की साजिश थी।शिकायत मिलते ही पामगढ़ थाना हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप तथा एसडीओपी प्रदीप सोरी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। तथा पुलिस की सक्रियता के चलते अमन सोनी (22 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 09, बलौदा बाजार एवं एक अन्य ठग को पकड़ लिया गया एवं दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या दोनों आरोपी इसी तरह नकली जेवरों के सहारे अन्य जिलों में भी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित नेटवर्क की पड़ताल जारी है। यदि जांच में अन्य खुलासा होता है तो इस ठगी के पीछे एक बड़े पर्दाफाश भी हो सकता है।फिलहाल पामगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि शातिर अपराधी चाहे जितनी चालाकी से जाल बुनें, तकनीकी जांच और सटीक रणनीति के आगे उनका बच निकलना आसान नहीं है।

