बरस रही महामाई दाई की कृपा-शक्ति के महामाई दाई मंदिर में सोमवती पूर्णिमा पर हुआ सुंदरकांड पाठ एवं हनुमान चालीसा का आयोजन.देवेंद्र सोनी ने दी जानकारी. मंदिर परिसर में प्रतिमाह हो रहे नियमित धार्मिक आयोजन


शक्ति के महामाई दाई मंदिर में सोमवती पूर्णिमा पर हुआ सुंदरकांड पाठ एवं हनुमान चालीसा का आयोजन.देवेंद्र सोनी ने दी जानकारी
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबरशक्ति -सोमवती पूर्णिमा के अवसर पर महामाया मंदिर शक्ति में सुंदरकांड का पाठ एवम हनुमान चालीसा का पाठ कर राम दरबार में मंगल आरती के साथ मां महामाया देवी की आरती लेकर प्रसाद वितरण के साथ साथ मातारानी को खिचड़ी का भोग लगाकर भोग भंडारा प्रसाद वितरण किया गया।उपरोक्त जानकारी देते हुए देवेन्द्र सोनी ने बताया की सोमवती पूर्णिमा कई माह बाद तिथि आती है।शुक्ल पक्ष को किसी भी नए कार्य की शुरूआत तथा व्यवसाय की
विस्तार के लिए उपयुक्त होता है,साथ ही किसी सुआभा कार्य किया
जाता है,सोमवती पूर्णिमा जैसे शुभअवसर कभी कभी प्राप्त होते है,
फलस्वरूप सुंदरकांड के पाठ मेंश्रद्धालुओं की भीड़ रही,यह मातारानी की ही अनुकंपा का प्रभाव है,यह कार्यक्रम में मातारानी
के भक्तगण का सहयोग से ही संभव हो पा रहा है,जिनमे प्रमुख
रूप से पुजाई गजराज सिंह,रमैयासिंह,गोपाल अग्रवाल,उमेश शर्मा,बी के अग्रवाल,आत्माराम पटेल,प्रहलाद अग्रवाल,फुलेश्वर
गैवल,कुंजल,श्याम सुंदर अग्रवाल,अधिवक्ता,हरी मिश्रा,अमित सोनी,
अनुसुइया जायसवाल,कुंती यादव,पद्मिनी साहू,सालिकराम राठौर,
चंद्रभान ब्रजवासी,गजानंद,मन्नूदेवांगन,दुलारी साहू,छोटू यादव,
आदि रहे,
शक्ति -सोमवती पूर्णिमा के अवसर पर महामाया मंदिर शक्ति में सुंदरकांड का पाठ एवम हनुमान चालीसा का पाठ कर राम दरबार में मंगल आरती के साथ मां महामाया देवी की आरती लेकर प्रसाद वितरण के साथ साथ मातारानी को खिचड़ी का भोग लगाकर भोग भंडारा प्रसाद वितरण किया गया।उपरोक्त जानकारी देते हुए देवेन्द्र सोनी ने बताया की सोमवती पूर्णिमा कई माह बाद तिथि आती है।शुक्ल पक्ष को किसी भी नए कार्य की शुरूआत तथा व्यवसाय की
विस्तार के लिए उपयुक्त होता है,साथ ही किसी सुआभा कार्य किया
जाता है,सोमवती पूर्णिमा जैसे शुभअवसर कभी कभी प्राप्त होते है,
फलस्वरूप सुंदरकांड के पाठ मेंश्रद्धालुओं की भीड़ रही,यह मातारानी की ही अनुकंपा का प्रभाव है,यह कार्यक्रम में मातारानी
के भक्तगण का सहयोग से ही संभव हो पा रहा है,जिनमे प्रमुख
रूप से पुजाई गजराज सिंह,रमैयासिंह,गोपाल अग्रवाल,उमेश शर्मा,बी के अग्रवाल,आत्माराम पटेल,प्रहलाद अग्रवाल,फुलेश्वर
गैवल,कुंजल,श्याम सुंदर अग्रवाल,अधिवक्ता,हरी मिश्रा,अमित सोनी,
अनुसुइया जायसवाल,कुंती यादव,पद्मिनी साहू,सालिकराम राठौर,
चंद्रभान ब्रजवासी,गजानंद,मन्नूदेवांगन,दुलारी साहू,छोटू यादव,
आदि रहे,

