राज्य के मंत्रियों की तनख्वाह में होगी 50% की कटौती.14000 करोड रुपए कर्ज के बोझ को 100 दिन में निपटाने सरकार ने बनाई नई पॉलिसी

राज्य के मंत्रियों की तनख्वाह में होगी 50% की कटौती.14000 करोड रुपए कर्ज के बोझ को 100 दिन में निपटाने सरकार ने बनाई नई पॉलिसी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए एक मिसाल पेश की है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के वेतन में 50% की स्वैच्छिक कटौती करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 14,000 करोड़ रुपये के बकाया को 100 दिनों के अंदर निपटाने के लिए एक ठोस एक्शन प्लान को मंजूरी दी है.दरअसल, राज्य सरकार वर्तमान में भारी वित्तीय बोझ और लगभग 14,000 करोड़ रुपये की देनदारियों का सामना कर रही है, जिसमें से 8,000 करोड़ रुपये पेंशनभोगियों और 6,200 करोड़ रुपये सेवारत कर्मचारियों के बकाया हैं. पिछली सरकार के समय से रुके इन भुगतानों को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 100 दिनों की एक कार्य योजना तैयार की है. सरकार ने इसके साथ ही केलेश्वरम परियोजना की सीबीआई जांच तेज करने और गच्चीबोवली स्टेडियम को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले भी लिए हैं. संसाधनों की कमी को देखते हुए मंत्रियों ने खुद पहल कर ये वित्तीय योगदान देने का संकल्प लिया है.गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने हक के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.सरकार ने स्पष्ट किया कि जब तेलंगाना राज्य बना था, तब कोई बकाया नहीं था, लेकिन अब ये राशि बहुत बढ़ गई है. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 8,000 करोड़ रुपये के भुगतान को प्राथमिकता देते हुए एक संसाधन जुटाव उप-समिति बनाई गई है. ये समिति कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संघों से बात कर समाधान निकालेगी. मंत्रियों के 50% वेतन कटौती के बाद अब अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी इसी तरह के उपायों पर विचार किया जा सकता है.

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