मुख्यमंत्री मोहन यादव की जमीन डील पर मचा बवाल- सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा यदि जांच की मांग हो रही है तो जरूर करवाना चाहिए जांच. मामला उज्जैन में सीएम साहब सहित उनके परिवार जनों के नाम पर बेशकीमती जमीनों का

मुख्यमंत्री मोहन यादव की जमीन डील पर मचा बवाल- सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा यदि जांच की मांग हो रही है तो जरूर करवाना चाहिए जांच. मामला उज्जैन में सीएम साहब सहित उनके परिवार जनों के नाम पर बेशकीमती जमीनों का kshititech

मुख्यमंत्री मोहन यादव की जमीन डील पर मचा बवाल- सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा यदि जांच की मांग हो रही है तो जरूर करवाना चाहिए जांच

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल कीखबर

शक्ति -जमीन खरीद पर BJP का बचाव, लेकिन सबसे बड़े सवाल पर चुप्पी! मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों की जमीन खरीद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक निजी मीडिया न्यूज़ एजेंसी की जांच रिपोर्ट के बाद BJP ने आरोपों को “बेसलेस” और “राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया है, लेकिन रिपोर्ट में उठे कई अहम सवालों पर पार्टी की तरफ से सीधा जवाब नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव की 73% हिस्सेदारी वाली कंपनी श्री सिद्धिविनायक देवकन्स प्राइवेट लिमिटेड ने मुख्यमंत्री बनने के बाद उज्जैन में कम से कम 2.6 एकड़ जमीन ₹1.43 करोड़ में खरीदी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यादव परिवार की जमीन होल्डिंग 2021 से 2023 के बीच दोगुनी हुई और 2024-25 में फिर दोगुनी होकर करीब 335 एकड़ तक पहुंच गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन इलाकों में जमीनें खरीदी गईं, उनमें से बड़ी संख्या उन क्षेत्रों के आसपास बताई गई है जहां सरकार की सड़क और हाईवे परियोजनाएं आईं। रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में खरीदी गई 168 एकड़ जमीन में से करीब 111 एकड़ नई सड़क लिंक और हाईवे प्रोजेक्ट्स के आसपास है। BJP का कहना है कि CM मोहन यादव ने 2017 में कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था और रिश्तेदार अपने कारोबार स्वतंत्र रूप से करते हैं। वहीं कांग्रेस ने पूरे मामले में स्वतंत्र जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। मध्य प्रदेश के PWD मंत्री राकेश सिंह ने भी कहा है कि अगर जांच की मांग उठ रही है तो जांच होनी चाहिए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

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