कम उम्र में इतनी बड़ी कामयाबी-पिंक हाउस में रहते हैं महज 15 वर्ष की उम्र में भारतीय क्रिकेटर के रूप में पूरी दुनिया में लोकप्रिय होने वाले वैभव सूर्यवंशी. वैभव का जीवन बना लोगों के लिए कामयाबी की मंजिल

कम उम्र में इतनी बड़ी कामयाबी-पिंक हाउस में रहते हैं महज 15 वर्ष की उम्र में भारतीय क्रिकेटर के रूप में पूरी दुनिया में लोकप्रिय होने वाले वैभव सूर्यवंशी. वैभव का जीवन बना लोगों के लिए कामयाबी की मंजिल kshititech

पिंक हाउस में रहते हैं महज 15 वर्ष की उम्र में भारतीय क्रिकेटर के रूप में पूरी दुनिया में लोकप्रिय होने वाले वैभव सूर्यवंशी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -किसी चीज को पाने की कोई उम्र नहीं होती। अगर जज्बा, लगन और मेहनत सच्ची है तो कितनी भी मुश्किलें सामने क्यों ना आ जाए, एक दिन आपको मंजिल जरूर मिलती है। ये बातें 15 साल के युवा सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी ने सही साबित की। ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर गांव में जन्मे वैभव ने जो सफलता बेहद कम समय में हासिल की हैं, उससे वह हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
वैभव की सफलता सिर्फ उनकी प्रतिभा की कहानी ही नहीं, बल्कि उनके पिता का त्याग, मां के संघर्ष और पूरे परिवार के अटूट विश्वास की मिसाल है। आइए जानते हैं वैभव की नेटवर्थ कितनी हैं और उनके घर के बारे में खास बातें।ताजपुर के मोतीपुर गांव का यह घर सिर्फ ईंट-पत्थर से बना मकान नहीं है। ये उस विश्वास की कहानी है, जहां एक साधारण से परिवार के लडके ने दिन-रात मेहनत करके अपने सपनों को नई उड़ान दी है।उनके पिता का भी उनकी सफलता में बेहद खास योगदान रहा है। पिता ने जमीन बेच दी, मां ने अपनी नींद त्याग दी और बेटे ने मेहनत के दम पर दुनिया में अपनी पहचान बना ली।

ये सब कुछ किया 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने, जिन्होंने साबित किया कि छोटे गांव या छोटा घर होना मतलब कुछ हासिल नहीं कर पाना नहीं, बल्कि बड़े खिलाड़ी बनने के लिए आपका हौसला, मेहनत और परिवार का साथ जरूरी होता है। वैभव के लिए उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने उनके घर के पास ही क्रिकेट नेट तैयार किया। कंक्री पिच के साथ टर्फ विकेट बनवाया, ताकि उनका बेटा मैच जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कर सकें। इतना ही नहीं, वैभव के पिता संजीव खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन उस दौर में बिहार को बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिलने के कारण उनका सपना अधूर रह गया था। पोर्ट पर मेहनत की और कभी-कभी नाइट क्लब में बाउंसर तक बने, लेकिन फिर वह सब कुछ छोड़कर घर लौट आए और पारिवारिक ज्वैलरी की दुकान संभालने लगे। यहां तक कि बेटे को क्रिकेटर बनाने, प्रशिक्षण, क्रिकेट किट और यात्रा का खर्च उठाने के लिए उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन का एक हिस्सा तक बेच दिया था।
वैभव की कामयाबी के पीछे उनकी मां के नींद का त्याग भी हैं। वह रोज तड़के करीब तीन बजे उठ जाती थीं, ताकि बेटे के अभ्यास पर जाने से पहले वह उसके लिए खाना तैयार कर सकें। बाएं हाथ के बैटर वैभव का पुश्तैनी घर की मरम्मत की गई और अब वह बदल गया है। वह गुलाबी रंग का हैं। उनके घर की कीमत रिपोर्ट्स के अनुसार, 40 लाख से 60 लाख के बीच में मानी जाती है।15 साल के वैभव सूर्यवंशी की नेटवर्थ करीब 7 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट, क्रिकेट टूर्नामेंट्स से मिलने वाली रकम और ब्रांड एंडोर्समेंट्स ने इनती कम उम्र में उन्हें करोड़पति बना दिया है*

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