मां की हत्या करने वाले पुत्र को आजीवन कारावास, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती का फैसला


मां की हत्या करने वाले पुत्र को आजीवन कारावास, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती का फैसला
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती श्री प्रशांत कुमार शिवहरे द्वारा हत्या के एक गंभीर प्रकरण में आरोपी डमरुधर कुर्रे को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। प्रकरण के अनुसार दिनांक 29.05.2025 को थाना डभरा के डायल-112 में पदस्थ आरक्षक रंजीत जांगड़े को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम रेडा में एक महिला की उसके पुत्र द्वारा हत्या कर दी गई है। सूचना पर थाना डभरा के उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, सहायक उप निरीक्षक हरनारायण ताम्रकर एवं अन्य पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि मृतिका लक्ष्मीन बाई कुर्रे (45 वर्ष) की उसके पुत्र डमरुधर कुर्रे द्वारा ईंट से हमला कर हत्या कर दी गई थी।विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि घटना के दिन आरोपी डमरुधर कुर्रे ने अपने मित्र संजय वारेन के साथ शराब का सेवन किया था। इसी दौरान उसने अपनी मां लक्ष्मीन बाई को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, जिससे आक्रोशित होकर उसने सीमेंट की ईंट के टुकड़े से मृतिका के सिर एवं चेहरे पर कई बार वार किया। गंभीर चोटों के कारण लक्ष्मीन बाई की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के कथनों एवं अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी डमरुधर कुर्रे को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत हत्या का दोषी पाया.प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती श्री प्रशांत कुमार शिवहरे ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं ₹1,000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।यह निर्णय समाज में बढ़ती हिंसा, शराब के दुरुपयोग तथा पारिवारिक मूल्यों के ह्रास के दुष्परिणामों के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश प्रदान करता है तथा गंभीर अपराधों के प्रति न्यायपालिका की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

