अपनी लापरवाही की सजा भुगतेंगे अब शिक्षक-बोर्ड कॉपी जांच में लापरवाही, 79 शिक्षक ब्लैक लिस्ट-36 मूल्यांकन केंद्रों में मिली गड़बड़ी, 50 नंबर तक दिए गलत अंक. पहली बार छत्तीसगढ़ में हुई इतनी बड़ी कार्रवाई



बोर्ड कॉपी जांच में लापरवाही, 79 शिक्षक ब्लैकलिस्ट-36 मूल्यांकन केंद्रों में मिली गड़बड़ी, 50 नंबर तक दिए गलत अंक
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिका जांच में गंभीर लापरवाही बरतने वाले 79 शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की है। मूल्यांकन में 20 से लेकर 50 अंकों तक की भारी गड़बड़ी पाए जाने पर इन शिक्षकों को 3 से 6 साल तक बोर्ड के सभी कामों से हटा दिया गया है और उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।इसके साथ ही सभी संबंधित शिक्षकों की एक साल की वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा भी की गई है।माशिमं की परीक्षा समिति की जांच में सामने आया कि प्रदेश के 36 मूल्यांकन केंद्रों में कॉपियां जांचने के दौरान बड़ी लापरवाही हुई। कार्रवाई की जद में आए शिक्षकों में 10वीं के 49 और 12वीं के 30 शिक्षक शामिल हैं।
इन विषयों में मिली सबसे ज्यादा गड़बड़ी
10वीं कक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत विषयों की कॉपियों में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। वहीं 12वीं में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, रसायन, जीवविज्ञान, गणित, लेखाशास्त्र और अर्थशास्त्र विषयों के मूल्यांकनकर्ताओं पर कार्रवाई की गई है।
तीन कैटेगरी में तय हुई सजा
01- 20 से 40 नंबर की गलती: 3 साल का बैन
02- कॉपी जांच में 20 से 40 अंकों तक की गलती करने वाले शिक्षकों को 3 साल तक बोर्ड कार्यों से दूर रखा जाएगा। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा शिक्षक हैं। इनमें 10वीं के 44 और 12वीं के 25 शिक्षक शामिल हैं।
03- 41 से 49 नंबर की गलती: 5 साल का बैन-41 से 49 अंकों तक की बड़ी गड़बड़ी करने वाले 4 शिक्षकों पर 5 साल का प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें 10वीं और 12वीं के 2-2 शिक्षक शामिल हैं।
04- 50 नंबर या उससे ज्यादा की चूक: 6 साल का बैन
50 या उससे अधिक अंकों की गंभीर गलती करने वाले शिक्षकों को 6 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसमें 10वीं के हिंदी और गणित विषय के 3 शिक्षक तथा 12वीं के राजनीति विज्ञान और गणित विषय के 3 शिक्षक शामिल हैं।
कलेक्टर और डीईओ को भेजा गया आदेश
माशिमं ने कार्रवाई संबंधी आदेश की कॉपी स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और कलेक्टरों को भेज दी है, ताकि संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सके।






