छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाई आदर्श शहर की योजना- नगर पालिका शक्ति को भी किया गया शामिल. शहर के विकास के लिए बनेगी बड़ी कार्य योजना। प्रदेश के चुनिंदा 15 निकायों को शामिल किया गया है इस योजना में। प्रथम चरण में 200 करोड रुपए का बजट हुआ स्वीकृत. प्रत्येक जिलों में कलेक्टर होंगे मॉनिटरिंग समिति के अध्यक्ष

छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाई आदर्श शहर की योजना- नगर पालिका शक्ति को भी किया गया शामिल. शहर के विकास के लिए बनेगी बड़ी कार्य योजना। प्रदेश के चुनिंदा 15 निकायों को शामिल किया गया है इस योजना में। प्रथम चरण में 200 करोड रुपए का बजट हुआ स्वीकृत. प्रत्येक जिलों में कलेक्टर होंगे मॉनिटरिंग समिति के अध्यक्ष kshititech

छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाई आदर्श शहर की योजना- नगर पालिका शक्ति को भी किया गया शामिल शहर के विकास के लिए बनेगी बड़ी कार्य योजना। प्रदेश के चुनिंदा निकायों को शामिल किया गया है इस योजना में

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ प्रदेश की विष्णु देव की सुशासन वाली सरकार द्वारा प्रदेश के चुनिंदा नगरीय निकायों को आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के नेतृत्व में नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने प्रदेश के सभी निकायों को इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर, द्वारा जारी परिपत्र में बताया गया है आदर्श शहर योजना प्रदेश के समस्त नगरपालिका एवं नगर पंचायतों में शहरी विकास को संगठित और योजनाबद्ध तरीके से विकास सुनिश्चित करेगी। प्रथम चरण में प्रत्येक वर्ष प्रत्येक संभाग के अधिकतम 03 नगरीय निकायों को शामिल किया जाएगा। इस प्रकार प्रत्येक वर्ष में कुल 05 संभागों के 15 नगरीय निकायों में इस योजना के तहत बुनियादी ढाँचा विकास कार्य कराए जाएंगे। आदर्श शहर योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नगरीय निकायों में योजनाबद्ध शहरी विकास का सुनिश्चित करना, बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना और नागरिकों के जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। इस योजना के माध्यम से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति मे मे सुधार लाकर निकायों को आत्मनिर्भर बनाया जावेगा। वर्तमान में नगरीय निकायों में यातायात बाधा/जाम, अव्यवस्थित परिवहन, अपर्याप्त जल आपूर्ति, शहरी जल भराव, और हरित क्षेत्रों की कमी जैसी समस्याएँ प्रमुख रूप से देखी जाती हैं। शहरीकरण की बढ़ती गति के कारण बुनियादी ढाँचों पर दबाव बढ़ रहा है, जिसके समाधान के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, फुटपाथ का निर्माण, 24/7 जल आपूर्ति, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, और हरित आवरण का विकास आवश्यक है। इसके साथ ही, स्मार्ट सिटी समाधान जैसे स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स, वाई-फाई हॉटस्पॉट, और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना नगरीय निकायों को आधुनिक और सुरक्षित बनाएगी। यह योजना पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, सामुदायिक सहभागिता, और समावेशी विकास को प्राथमिकता देकर नगरीय निकायों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और रहने योग्य शहरों में परिवर्तित करने का प्रयास करेगी। आदर्श शहर योजना न केवल शहरी बुनियादी ढाँचे को सुधारने का माध्यम है, बल्कि प्रदेश के सतत् और नागरिक-केंद्रित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना अंतर्गत नगरीय निकायों के बुनियादी ढाँचा विकास हेतु सड़कें और परिवहन।सड़कों का चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य। फुटपाथ और पैदल यात्री क्षेत्रों का विकास।जल आपूर्ति और जल निकासी।24/7 जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु पाइपलाइन बिछाने का कार्य। शहरी बाढ़ को रोकने के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण।हरित क्षेत्र और पार्क।सामुदायिक पार्क और खेल के मैदानों का विकास। शहरी हरित आवरण बढ़ाने हेतु वृक्षा रोपण अभियान। नगर सीमा के भीतर जल स्रोतों का पुनर्जीवन।स्मार्ट सिटी समाधान।स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना। शहरी क्षेत्रों में वाई-फर्काइ हॉटस्पॉट का विकास। सार्वजनिक सुरक्षा हेतु सीसीटीवी कैमरों की स्थापना।निकाय की आय में वृद्धि के कार्यःपी.पी.पी. मॉडल के माध्यम से व्यवसायिक परिसर का विकास।संपत्ति कर रिफार्म के कार्य। प्रमुख रूप से कराया जाना प्रस्तावित है एवं उपरोक्त योजनाअंतर्गत केन्द्र प्रवर्तित. राज्य प्रवर्तित एवं केन्द्र राज्य के वित्त पोषित योजनाओं को भी शामिल किया जावे।

*विभाग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा इस योजनांतर्गत प्रस्तावित कार्यों का तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त कर विधिवत पूर्ण प्रस्ताव (डी.पी. आर.) संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास को प्रेषित किये जाएंगे। विभाग द्वारा प्राप्त प्रस्ताव का परीक्षण उपरांत स्वीकृति प्रदान की जावेगी। स्वीकृति उपरांत निकाय द्वारा प्रस्तावित कार्य हेतु वित्तीय स्वीकृति सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त कर कार्य कराया जावेगा। योजना की मॉनिटरिंग/निगरानी आदर्श शहर योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यों के मॉनिटरिंग हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया जावेगा। समिति द्वारा योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जावेगा। जिला स्तरीय समिति निम्नानुसार होगी। जिले के कलेक्टर इस समिति के अध्यक्ष होंगे। एवं सदस्यों में कार्यपालन अभियंता।अनुविभागीय अधिकारी लोक निमार्ण विभाग।कार्यपालन अभियंता अनुविभागीय अधिकारी पी.एच.ई. विभाग।मुख्य नगरपालिका अधिकारी, न.पा./न.पं. सदस्य एवं सहसचिव होंगे।
आदर्श शहर योजना विभाग में प्रचलित योजनाओं/मदों के अभिसरण द्वारा संचालित होगी। योजना के क्रियान्वयन हेतु शत्-प्रतिशत् अनुदान राशि विभाग द्वारा अधोसंरचना /15 वां वित्त आयोग/चुंगी क्षतिपूर्ति/अन्य मद से व्यय की जावेगी। आदर्श शहर योजना का लेखा संधारण-राज्य शासन द्वारा नगरीय निकायों को राशि विमुक्त किये जाने की स्थिति में योजना से संबंधित लेखाओं का संधारण नगरीय निकायों द्वारा किया जावेगा। विभाग द्वारा जारी राशि का 70 प्रतिशत व्यय होने के उपरान्त निकाय द्वारा विभाग से जारी दिशा-निर्देश अनुसार निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किये जायेगें। जिसके आधार पर आगामी किश्तों का निर्गमन किया जा सकेगा। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित जायेगा कि संबंधित निकाय में व्यय राशि न्यूनतम हो तथा राशि का किसी प्रकार से दुरूपयोग या अन्य उपयोग ना किया जावें।इस योजना के लिए शासन द्वारा विमुक्त की गई राशि नगरीय निकायों द्वारा बैंक मे पृथक खाता खोलकर रखी जावेगी। जिसका परिचालन आयुक्त, नगर पालिक निगम अथवा मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा किया जावेगा।इस योजना के निर्माण का निष्कर्ष-
छत्तीसगढ़ में आदर्श शहर योजना शहरी विकास के लिए एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। योजना सतत विकास और नागरिक-केंद्रित समाधानों को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के नगरीय निकायों को आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्र में विकसित करने का उद्देश्य रखती है।अतः उपरोक्त दिशा-निर्देश अनुसार पालन सुनिश्चित करें। उपरोक्त पत्र आनंद कुमार पटेल अवर सचिव छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 28 मई 2026 को जारी किया गया है

संभाग वार आदर्श शहर समृद्धि योजना अंतर्गत चयनित शहरों की सूची

01 बस्तर संभाग– सुकमा न.पं. नरहरपुर। (06)न.पा. सुकमा, न.पं. भोपालपट्टनम, न.पं. गीदम, न.पं. केशकाल, न.पं. पखांजूर,

02-दुर्ग संभाग-न.पा. पंडरिया, न.पा. खैरागढ़, न.पं. गुरूर, न.पं. घुमका, न.पं. छुईखदान। (05)

03-रायपुर संभाग न.पा. कुरूद, न.पा. महासमुन्द, न.पा. आरंग, न.पा. बलौदाबाजार, न.पं. पिथौरा, न.पं. चदखुरी। (06)

04. बिलासपुर संभाग
न.पा. तखतपुर, न.पा. मुंगेली, न.पा. लोरमी, न.पा. जांजगीर-नैला, न.पा. सक्ती, न.पं. बिल्हा, न.पं. घरघोड़ा, न.पं. पुसौर, न.पं.सरिया। (09)

05-सरगुजा संभाग न.पा. सूरजपुर, न.पा. पत्थलगांव, न.पा. मनेन्द्रगढ़, न.पं. लखनपुर, न.पं. कोतबा, न.पं. कुनैकुरी। (06)

उक्त योजनांतर्गत विभिन्न विकास कार्यः सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवाएं, रोजगार, व्यापार, उद्यमिता प्रोत्साहन, ई-गवर्नेस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा प्रणाली, हरित क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, सुझाव, शिकायत निवारण और रिपोर्टिंग प्रणाली एवं अन्य कार्य कराया जाना है।आदर्श शहर समृद्धि योजना अंतर्गत शहर के आवश्यकताओं के अनुरूप तथा नगरीय निकायों के अध्यक्ष/पार्षदगणों/स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर कार्य का चयन किये जाने हेतु निम्नानुसार संभाग स्तरीय समिति का गठन किया जाता है

बस्तर संभाग:- संयुक्त संचालक अध्यक्ष।कार्यपालन अभियता – सदस्य।सहायक अभियता – सदस्य
मुख्य नगरपालिका अधिकारी सदस्य सह सचिव

दुर्ग संभागः- संयुक्त संचालक अध्यक्ष।कार्यपालन अभियंता – सदस्य।कार्यपालन अभियंता – सदस्य।सहायक अभियंता – सदस्य।मुख्य नगरपालिका अधिकारी सदस्य सह सचिव

रायपुर संभागः- संयुक्त संचालक अध्यक्ष।कार्यपालन अभियंता – सदस्य।कार्यपालन अभियंता – सदस्य।सहायक अभियंता – सदस्य।मुख्य नगरपालिका अधिकारी सदस्य सह सचिव

बिलासपुर संभाग सयुक्त सचालक – अध्यक्ष।कार्यपालन अभियता – सदस्य।कार्यपालन अभियता – सदस्य।सहायक अभियता – सदस्य।मुख्य नगरपालिका अधिकारी सदस्य सह सचिव

सरगुजा संभाग:- सयुक्त सचालक – अध्यक्ष।कार्यपालन अभियता – सदस्य।कार्यपालन अभियता – सदस्य।सहायक अभियता – सदस्य।मुख्य नगरपालिका अधिकारी सदस्य सह सचिव बनाए गए हैं

*उपरोक्तानुसार समिति प्रस्तावित कार्य का चिन्हांकन/स्थल का निरीक्षण कर, प्राथमिकता के क्रम में कार्य की सूची एवं अनुमानित राशि की जानकारी 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराएंगे। सभी संभागों में निकायों के कार्य चयन एवं समन्वय हेतु मुख्य अभियंता, संचालनालय यांत्रिकी प्रकोष्ठ नोडल होंगे। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार 25 में 2026 को भागवत जायसवाल उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा उपरोक्त आदेश जारी किया गया है

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