उम्र रोकने की दवा का पहली बार इंसान पर परीक्षण- रिवर्स एजिंग पर काम शुरू. 6 महीने तक वैज्ञानिक रखेंगे दवा के साइड इफेक्ट्स पर नजर


उम्र रोकने की दवा का पहली बार इंसान पर परीक्षण- रिवर्स एजिंग पर काम शुरू
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -मेडिकल साइंस के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक ‘रिवर्स-एजिंग’ यानी बुढ़ापा रोकने की दवा का इंसानों पर पहला ट्रायल शुरू हो गया है। पहली बार उम्र के असर को उलटने वाला इंजेक्शन किसी इंसान को लगाया गया है।अमेरिका के बोस्टन स्थित बायोटेक स्टार्टअप ‘लाइफ बायोसाइंसेज’ ने बताया कि उनके पहले मरीज को सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग का इंजेक्शन दे दिया गया है। परीक्षण के तहत यह इंजेक्शन ग्लूकोमा (काला मोतिया) से पीड़ित मरीज की एक आंख की पुतली में लगाया गया है।इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य उम्र बढ़ने के कारण कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा और सक्रिय बनाना है। अगले 6 महीने तक वैज्ञानिक इसके असर और साइड इफेक्ट्स पर नजर रखेंगे।

