संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा- देश में आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने लोकतंत्र की करी थी हत्या. आपातकाल के दौरान मीसा बंदियों के बलिदान को भी स्मरण किया चंदेल जी ने


संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा- देश में आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने लोकतंत्र की करी थी हत्या
शक्ति छत्तीसगढ़ के कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छ.ग. विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता नारायण चंदेल ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा संविधान हत्या दिवस पर मीसाबंदी व उनके परिवारजनों को संबोधित करते हुये कहा कि 25 जून 1975 को देश के तत्कालिन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र व प्रजातंत्र की हत्या किया था, संविधान के साथ खिलवाड़ किया था। श्रीमती इंदिरा गांधी ने सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिये देश को आपातकाल में झोक दिया, पूरे देश में सेंसर लागू हो गया, मिडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जनसंघ, आर.एस.एस. एवं इस देश में विपक्षी दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अकारण व बेवजह जेल में बंद कर दिया गया, आंदोलनकारियों को उस समय की कांग्रेस सरकार ने कूचला, देश के अंदर अस्थिरता पैदा किया और संविधान के साथ खिलवाड़ करते हुये प्रजातंत्र की हत्या की। बाबू लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन को भी उस समय की सरकार ने बल पूर्वक आंदोलनकारियों के खिलाफ अनेक झूठे मुकदमें लादे गये, आंदोलन को कुचला गया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने कहा कि आपातकाल के दौरान मीसाबंदियों के साथ किये गये खिलवाड़ व बर्बरता को पूरा राष्ट्र जानता है, उस समय की तत्कालिन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने न्यायालय के निर्णय का भी घोर अपमान किया था, इमरजेंसी के दौरान नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया गया था, चुनाव स्थगित कर दिये गये थे, प्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, उस समय के युवा नेता संजय गांधी ने बड़े पैमाने पर पुरूषों पर नसबंदी अभियान चलाया था जिससे पूरे देश के नवजवानों में भारी आक्रोश था।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी जी द्वारा देश में 25 जून 1975 को लगाये गये आपातकाल को भारत के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जायेगा, उन्होंने कहा कि इसीलिये इस दिन को भाजपा पूरे देश में संविधान हत्या दिवस के रूप में मना रही है। उन्होने कहा कि देश में जितने भी मीसाबंदी है वे लोकतंत्र के सेनानी है, मीसाबंदी के त्याग और बलिदानों को ये देश कभी भूला नहीं सकता। उन्होंने इस दौरान भाजपा के इतिहास व विकास पर भी कार्यकताओं से चर्चा किया। कार्यक्रम के अंत में जिले के मीसाबंदी व उनके परिवार के सदस्यों का साल, श्रीफल व पुष्पगुच्छ से सम्मान किया गया। इस अवसर पर जिला संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत, भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े, संतोष लहरे, जिला सहकारी बैंक उपाध्यक्ष श्रीमती रजनी साहू, जिला महामंत्री द्वय श्रीमती नंदनी राजवाड़े, नंद चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता मिरी, आशुतोष गोस्वामी, लक्ष्मी देवांगन, प्रशांत सिंह, अमर सुल्तानिया, इंजी. रवि पाण्डेय, विवेका गोपाल, जांजगीर-नैला नपाप. अध्यक्ष श्रीमती रेखा देवा गढ़ेवाल, चाम्पा नपाप. अध्यक्ष प्रदीप नामदेव, उपाध्यक्ष मोहन यादव, काके सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती संतोषी सिंह, श्रीमती संतोषी दुबे, श्रीमती मीरा पत्की, धनेश्वरी जागृति, अजा. मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेश्वर पाटले, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष आकाश सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, प्रेमशंकर थवाईत, जांजगीर-नैला मंडल अध्यक्ष हितेश यादव, चाम्पा मंडल अध्यक्ष संतोष थवाईत, राम खुबवानी, राकेश रूपवानी, अनिल शर्मा, रितेश राठौर, प्रदीप राठौर, रितेश मोनू अग्रवाल, गोलू दुबे, श्रीमती पूजा राठौर सहित मीसाबंदी व मीसाबंदी के परिवारजन एवं भाजपा कार्याकर्तागण बड़ी संख्या मंे उपस्थित थे

