सुवेंदु अधिकारी एक महान शख्सियत हैं, देश सेवा को सर्वोपरि रखते है।सुवेंदु अधिकारी ने क्यों नहीं की अब तक शादी?



सुवेंदु अधिकारी एक महान शख्सियत हैं, देश सेवा को सर्वोपरि रखते है।सुवेंदु अधिकारी ने क्यों नहीं की अब तक शादी? क्या है जाति, परिवार में कौन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -आज जब बंगाल में सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं, तब एक दिलचस्प समानता दोनों को जोड़ती है। दोनों ने ही अपना पूरा जीवन समाज और राजनीति के लिए समर्पित कर दिया और कभी शादी नहीं की। सुवेंदु अधिकारी से जब भी उनके ‘अनमैरिड’ स्टेटस पर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब बेहद संजीदा रहा है।सुवेंदु का मानना है कि उनका जीवन पूरी तरह से जनता की सेवा के लिए बना है। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ किया था कि 1987 में जब उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा, तो वे धीरे-धीरे इसके प्रति इतने समर्पित हो गए कि परिवार बसाने का विचार ही पीछे छूट गया। वे बंगाल के तीन महान स्वतंत्रता सेनानियों- सतीश सामंत, सुशील धारा और अजय मुखर्जी को अपना आदर्श मानते हैं। ये तीनों ही महापुरुष आजीवन अविवाहित रहे और देश सेवा में लगे रहे। सुवेंदु ने भी उन्हीं की राह पर चलने का संकल्प लिया।सुवेंदु मजाकिया लहजे में यह भी कहते हैं कि अविवाहित होने का एक बड़ा ‘पॉजिटिव’ पहलू यह है कि उनके पास काम करने के लिए बहुत वक्त होता है। उनके पीछे कोई ऐसी जिम्मेदारी नहीं है जो उन्हें 24 घंटे जनता के बीच रहने से रोके। वे अपने माता-पिता के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। और मानते हैं कि सत्ता का इस्तेमाल अपने बच्चों या परिवार को आगे बढ़ाने के लिए करना एक बुराई है, जिससे वे दूर रहना चाहते है






