शक्ति जिले में 10 वर्षीय बालक की मृत्यु के मामले में जिला प्रशासन गंभीर, कलेक्टर साहब के निर्देश पर सीएमएचओ मैडम ने करी जांच समिति गठित, तीन दिनों के भीतर देनी होगी जांच रिपोर्ट



शक्ति जिले में 10 वर्षीय बालक की मृत्यु के मामले में जिला प्रशासन गंभीर, कलेक्टर साहब के निर्देश पर सीएमएचओ मैडम ने करी जांच समिति गठित, तीन दिनों के भीतर देनी होगी जांच रिपोर्ट
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- शक्ति जिले के विकासखंड जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत हसौद में 10 वर्षीय बालक की हुई मृत्यु की घटना को जिला प्रशासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. पूजा अग्रवाल द्वारा मामले की तथ्यात्मक, निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए तत्काल जांच समिति गठित कर दी गई है।सीएमएचओ डॉ. पूजा अग्रवाल ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।मामले की जांच के लिए गठित समिति में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. पी. सिंह कंवर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. राज, जिला नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट डॉ. सुदर्शन भारद्वाज, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमाशंकर साहू तथा सहायक ग्रेड-03 धनश्याम सुमन को शामिल किया गया है। समिति को निर्देशित किया गया है कि वह पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर तीन दिवस के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे। सीएमएचओ डॉ. पूजा अग्रवाल ने बताया कि जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं, उपचार प्रक्रिया, संबंधित परिस्थितियों तथा उपलब्ध तथ्यों का समग्र रूप से परीक्षण किया जाएगा। समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस प्रकरण को पूरी गंभीरता से देख रहा है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जांच प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग सतत रूप से प्रयासरत है।सीएमएचओ ने यह भी कहा कि लोगों के जीवन से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी अत्यंत आवश्यक है। इस घटना की जांघ से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।






