जब भावुक हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन। नितिन ने कहा-माँ की परछाई तो नहीं है, पर माँ का एहसास आज भी उसी  तरह से है जीवंत. जो मां ने मुझे दिया. वह कोई नहीं दे सकता

अतीत की यादें- नितिन नवीन जी अपनी माता जी के साथ

जब भावुक हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन। नितिन ने कहा-माँ की परछाई तो नहीं है, पर माँ का एहसास आज भी उसी  तरह से है जीवंत

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भावुक होते हुए लिखा है कि मां की परछाई तो आज नहीं है। किंतु मां का एहसास आज भी उसी तरह जीवंत है। नितिन नवीन कहते हैं की पिछले 5 वर्षों में कई मुकाम और प्रतिष्ठा मिली, पर उन सब के बीच में कुछ खालीपन का एहसास हमेशा दिल को कचोटता भी है। मेरे मंत्री बनने के कुछ दिन बाद माँ हम सब को छोड़कर चली गई, लगता है जैसे वो उसी दिन के इंतजार में थी, मुझे आशीर्वाद दिया फिर अपनी अंतिम यात्रा पर चली गई।माँ के होने और न होने का अंतर शायद वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने माँ को खोया हो। मित्रों, जब तक माँ है उसको पूरा सम्मान एवं समय दो, दुनिया की सबसे कीमती चीज़ माँ है। जब तक वो है उसको हमेशा खुश रखो और पूरा समय दो, क्योंकि जो उसने दिया है वो तुम्हें कोई दे ही नहीं सकता। माँ तुम्हारे अंदर का विश्वास है, माँ हर खुशी है, माँ तुम्हारी ऊर्जा है जिससे तुम दुनिया से लड़ते हो। माँ के श्री चरणों को शत्–शत् बार नमन।

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