पुलिस कर्मियों की बल्ले बल्ले-राज्य सरकार का खाकी के सम्मान में बड़ा फैसला: पुलिसकर्मियों के लिए ₹1768 करोड़ का फंड मंजूर, CM ने दी ‘घर’ की गारंटी!



राज्य सरकार का खाकी के सम्मान में बड़ा फैसला: पुलिसकर्मियों के लिए ₹1768 करोड़ का फंड मंजूर, CM ने दी ‘घर’ की गारंटी!
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -महाराष्ट्र स्टेट पुलिस हाऊसिंग वेलफेयर कॉरपोरेशन के माध्यम से राज्य के पुलिस कर्मियों के लिए आवास निर्माण को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने घोषणा की है कि 5459 पुलिस कर्मियों के लिए घर निर्माण हेतु 1768.08 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि मंजूर कर दी गई है. यह मंजूरी महाराष्ट्र राज्य पुलिस हाउसिंग एंड वेलफेयर कॉर्पोरेशन को प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर दी गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता की सुरक्षा में दिन-रात कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को बेहतर आवास सुविधा मिलना अत्यंत आवश्यक है. इसी सोच के तहत वर्ष 2014 से 2019 के दौरान पुलिस कर्मियों के लिए ब्याज अनुदान योजना लागू की गई थी, जिससे बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को घर खरीदने और निर्माण में सहायता मिली। हालांकि, महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में यह योजना बंद कर दी गई थी, लेकिन बाद में वर्तमान सरकार ने इसे फिर से शुरू किया. सरकार का मानना है कि बेहतर आवास मिलने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होगा. महाराष्ट्र राज्य पुलिस हाउसिंग एंड वेलफेयर कॉर्पोरेशन लंबे समय से पुलिस विभाग के लिए आवासीय और प्रशासनिक परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है. गृह विभाग की जानकारी के अनुसार, वर्ष 1974 में स्थापित इस संस्था ने अब तक हजारों पुलिस आवासों का निर्माण किया है तथा कई नई परियोजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं.
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.हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त घरों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया है. कोल्हापुर सहित कई शहरों में आधुनिक पुलिस आवास परियोजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें पार्किंग, सोलर सिस्टम, सुरक्षा व्यवस्था और परिवारों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. सरकार के इस निर्णय को पुलिस कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे हजारों पुलिस परिवारों को स्थायी और सुरक्षित आवास उपलब्ध होने का मार्ग बनेगा






