हैरान कर देने वाला मामला- जिंदा व्यक्ति को कागजों में कर दिया मृत घोषित. कफन ओढ़कर दफ्तर में लेट गया बुजुर्ग. कहा साहब मैं जिंदा हूं

हैरान कर देने वाला मामला- जिंदा व्यक्ति को कागजों में कर दिया मृत घोषित. कफन ओढ़कर दफ्तर में लेट गया बुजुर्ग. कहा साहब मैं जिंदा हूं kshititech

हैरान कर देने वाला मामला- जिंदा व्यक्ति को कागजों में कर दिया मृत घोषित. कफन ओढ़कर दफ्तर में लेट गया बुजुर्ग. कहा साहब मैं जिंदा हूं

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -यूपी के बस्ती से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां डीएम ऑफिस में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जिंदा बुजुर्ग व्यक्ति कफन ओढ़कर दफ्तर में लेट गया. इस बारे में पता चला तो आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए. इस दौरान बुजुर्ग कहने लगा कि साहब, मुझे जिंदा कर दीजिए, क्योंकि सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया गया हूं.पीड़ित बुजुर्ग का कहना था कि मैं पिछले 14 साल से सरकारी कागजों में मृत हूं. मैंने लगातार शिकायतें कीं, अपने जिंदा होने के सबूत दिए, लेकिन अभी तक सरकारी कागजों में मृत ही हूं. दरअसल, पूरा मामला लालगंज थाना क्षेत्र के बानपुर गांव का है. यहां इशहाक अली नाम का बुजुर्ग व्यक्ति जिलाधिकारी के ऑफिस पहुंचा था. वह कफन भी साथ लाया था.बुजुर्ग ने कहा कि राजस्व विभाग ने मुझे मृत घोषित कर दिया था. पीड़ित बुजुर्ग का आरोप है कि उसकी 0.770 हेक्टेयर जमीन दूसरे के नाम दर्ज कर दी गई. मैं बैंक से अपनी पेंशन निकालकर गुजारा कर रहा हूं. बावजूद इसके सरकारी फाइलों में मृत हूं. बुजुर्ग इशहाक अली संतकबीर नगर नाथनगर सीएचसी में स्वीपर के पद पर थे. रिकॉर्ड के मुताबिक, इशहाक अली 31 दिसंबर 2019 को रिटायर हो चुके हैं, लेकिन राजस्व विभाग के दस्तावेजों में गड़बड़ी है, और वे मृत घोषित कर दिए गए.

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