पुलिस ने चलाया ऑपरेशन ड्रॉप केश.55 हिस्ट्रीशीटरो एवं संदिग्धों को लिया गया हिरासत में. करोड़ों रुपए के जेवरात.हथियार एवं नगदी हुई बरामद. पुलिस कप्तान के निर्देशन में हुई बड़ी कार्रवाई


पुलिस ने चलाया ऑपरेशन ड्रॉप कैश.55 हिस्ट्रीशीटरो को लिया गया हिरासत में. करोड़ों रुपए के जेवरात एवं नगदी हुई बरामद
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -महाराष्ट्र के जलगांव जिले में पुलिस ने शनिवार तड़के एक बड़े अभियान ‘ऑपरेशन ड्रॉप केस’ के तहत मुक्ताईनगर तालुका के पांच गांवों में एक साथ छापेमारी कर 55 हिस्ट्रीशीटर और संदिग्धों को हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस ने नकदी, सोना-चांदी, वाहन, हथियार और कथित तौर पर ठगी में इस्तेमाल होने वाले सामान समेत करोड़ों रुपये मूल्य की वस्तुएं बरामद की हैं।पुलिस के अनुसार, लालगोता, हलखेड़ा, माधापुरी, जोंधनखेड़ा और चारठाणा गांव लंबे समय से तथाकथित ‘ड्रॉप केस’ से जुड़े अपराधों के लिए बदनाम रहे हैं। इन गांवों से जुड़े आरोपी सोशल मीडिया पर कथित दुर्लभ और चमत्कारी वस्तुओं के वीडियो वायरल कर देशभर के लोगों को भारी मुनाफे का लालच देते थे।जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा काली हल्दी, नागमणि, रेड मरकरी, सफेद बीबा, उल्टी वासन, सुलेमानी पत्थर, पुराना सोना, तांबा, शंख और अन्य कथित दुर्लभ वस्तुओं के नाम पर लोगों को बुलाया जाता था। गांव पहुंचने पर पीड़ितों को नकली सामान दिखाकर लाखों रुपये की ठगी की जाती थी। कई मामलों में उनसे सीधे नकदी छीन ली जाती थी और विरोध करने पर मारपीट तथा लूटपाट भी की जाती थी।पुलिस ने बताया कि कुछ मामलों में पीड़ितों के पास नकली हिरण या बाघ की खाल रखकर उनके वीडियो बनाए जाते थे और वन्यजीव तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देकर शिकायत करने से रोका जाता था। पुलिस की भाषा में ऐसे मामलों को ‘ड्रॉप केस’ कहा जाता है।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में 10 डकैती, 1 डकैती के दौरान हत्या, 1 हत्या, 7 लूट, 16 धोखाधड़ी, 1 डकैती का प्रयास और 2 सरकारी कर्मचारी पर हमले के मामले दर्ज किए गए हैं।इन पांच गांवों से जुड़े कुल 298 आरोपी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने मुक्ताईनगर पहुंचकर अभियान में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कम आबादी वाले इन गांवों में लंबे समय से गंभीर अपराध सामने आते रहे हैं। अपराध पर अंकुश लगाने और कानून का भय स्थापित करने के लिए ऐसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

