प्रदेश के 50 लाख किसानों को मिलेगा इस योजना से सीधा लाभ. किसानों के चेहरे पर आई रौनक


प्रदेश के 50 लाख किसानों को मिलेगा इस योजना से सीधा लाभ
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हुगली जिले के तारकेश्वर में पश्चिम बंगाल दिवस समारोह के मंच से रेलवे, सड़क, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी 820 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया।इसी कार्यक्रम में मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भी जारी किया, जिसके तहत देशभर के 9 करोड़ 44 लाख किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।इनमें अकेले बंगाल के 45 लाख से अधिक किसानों के खातों में 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि हस्तांतरित की गई है, जिससे राज्य में इस योजना के अंतर्गत कुल वितरण राशि 15,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। 2019 में इस योजना के शुभारंभ के बाद से देशभर में कुल वितरण राशि 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। यह पहली बार है जब पीएम ने बंगाल से पूरे देश के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त जारी की है।राज्य में सत्ता परिवर्तन व पिछले माह पहली बार यहां भाजपा की सरकार गठित होने के बाद अपने पहले दौरे में पीएम ने बंगाल में कई महत्वपूर्ण केंद्रीय कृषि योजनाओं का भी शुभारंभ किया।इन योजनाओं में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, नेशनल मिशन आन नेचुरल फार्मिंग (प्राकृतिक खेती) और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं। बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत से विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना का लाभ राज्य के किसानों तक पहुंचेगा।2026-27 के दौरान, इस पहल का उद्देश्य बंगाल राज्य में लगभग 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगभग 50 लाख किसानों को बीमा कवरेज प्रदान करना है, जिससे लगभग 28,140 करोड़ रुपये के अनुमानित बीमित मूल्य की फसलों की सुरक्षा हो सकेगी और किसानों को पर्याप्त प्रीमियम सब्सिडी के माध्यम से सहायता प्रदान की जा सकेगी।डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत, प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में एग्रीस्टैक का शुभारंभ करेंगे। इसके अंतर्गत उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के अंतर्गत खरीद जैसी सत्यापित कृषि संबंधी सेवाओं के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध होगा।यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल शासन को मजबूत करेगी और किसान-केंद्रित सेवाओं के कुशल वितरण को सुगम बनाएगी।

