कोलकाता में मोदी बोले-70 की उम्र में 50 जैसा दिखें:योग इसमें मददगार, यह सबको जोड़ता है; पीएम ने 5 आसन किए, लोगों को सिखाया. इतिहास के पन्नों पर दर्ज हुआ कोलकाता का योग कार्यक्रम. मोदी लोगों के बीच पहुंचकर करवाते रहे खुद योगाभ्यास




कोलकाता में मोदी बोले-70 की उम्र में 50 जैसा दिखें:योग इसमें मददगार, यह सबको जोड़ता है; पीएम ने 5 आसन किए, लोगों को सिखाया
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर के रेड रोड पर योग किया। उनके साथ 35 हजार लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।पीएम मोदी रविवार को कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह शामिल हुए। उन्होंने कहा- हमारा लक्ष्य 40 साल की उम्र में 20 साल की उम्र से ज्यादा लचीले होना, 50 साल की उम्र में 30 से ज्यादा ऊर्जावान और 70 की उम्र में 50 साल से ज्यादा स्वस्थ रहना होना चाहिए।पीएम ने कहा कि योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है, जो लोगों, देशों और संस्कृतियों को एक साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि 21 जून, जो पृथ्वी का सबसे लंबा दिन माना जाता है, अब पूरी दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।पीएम के साथ कोलकाता के ऐतिहासिक ‘रेड रोड’ पर हजारों लोगों ने योग किया। पीएम ने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, त्रिकोणासन सहित 5 आसन किए। कॉमन प्रोटोकॉल योग सत्र के दौरान पीएम लोगों के बीच पहुंचे और उनकी योग मुद्राओं को सुधारने में मदद करते नजर आए।12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी बढ़ती उम्र के लिए योग है। इस थीम का मकसद यह बताना है कि योग सिर्फ फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर, मन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का भी तरीका है।PM मोदी ने चालन क्रिया अभ्यास किया। यह शरीर को वार्म-अप करने में मदद करता है।PM ने स्कंध चक्र अभ्यास किया। इसमें कंधों को गोलाकार घुमाया जाता है, जिससे कंधों और गर्दन की जकड़न कम होती है।पीएम ने कटिचालन अभ्यास किया, जो कमर और रीढ़ की लचक बढ़ाने में मददगार माना जाता है।PM मोदी घुटनाचालन अभ्यास करते हुए। यह घुटनों को मजबूत बनाने में मदद करता है।पीएम ने लोगों के साथ ताड़ासन किया। यह रीढ़ की हड्डी को सीधा-मजबूत बनाता है।मोदी लोगों के बीच गए एवं लोगों को योग भी कराया।प्रधानमंत्री लोगों के बीच भी पहुंचे और उन्हें सही योग मुद्राएं करने में मदद कीं।
योग सत्र के दौरान प्रधानमंत्री घूम-घूमकर लोगों के बीच गए
कोलकाता के योग दिवस कार्यक्रम में मोदी जी ने कहा-योग बैलेंस जीवन की कला सिखाता है
50 की उम्र में 30 जैसी एनर्जी जरूरी जब हम हेल्दी एजिंग (उम्र बढ़ने के साथ सेहतमंद रहने) के लिए योग की बात करते हैं,तो इसका मतलब है- उम्र बढ़ने से क्षमता कम न हो। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि 40 की उम्र में 20 जैसे लचीले हों। 50 की उम्र में 30 से ऊर्जावान रहें। 70 की उम्र में 50 जैसा दिखें और स्वस्थ रहें। इसीलिए ‘हेल्दी एजिंग के लिए योग’ थीम को सिर्फ बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि सभी उम्र के लोगों के लिए देखा जाना चाहिए।
सबको जोड़ता है योग विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की एक से एक अद्भुत तस्वीर आ रही है। पूरा देश योग की उर्जा के चैत्नय से भरा हुआ नजर आ रहा है। पूरा विश्व एक-दूसरे से जुड़ा हुआ दिख रहा है। यही तो योग की ताकत है। योग सबको जोड़ता है। योग सबको साथ लाता है।
योग सबके लिए योग जब स्वभाव में आता है तो मानवीय एकता का आधार पर बन जाता है। योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है। यह किसी एक आयु वर्ग के लिए सीमित नहीं है। योग सबके लिए है
योग स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी आज के आधुनिक समय में लोग जीवन के असतुंलन से जूझ रहे हैं। उन्हें मशक्कत करनी पड़ रही है। योग बैलेंस जीवन जीने की कला सिखाता है। जब हम हमारे शरीर को सही तरीके से चलाना सीख लेते हैं तो स्वास्थ्य हमारा स्वभाव बन जाता है। योग केवल शरीर के स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का मार्ग भी दिखाता है
क्यों चुना गया है योग के लिए रेड रोड को
रेड रोड कोलकाता का एक ऐतिहासिक और प्रमुख मार्ग है। यग ईडन गार्डन्स से फोर्ट विलियम तक फैला है।इतिहासकारों के मुताबिक, इस सड़क का निर्माण करीब 1820 में हुआ था। शुरुआत में इसे ‘सेक्रेटरीज वॉक’ कहा जाता था।यह रास्ता तत्कालीन गवर्नर जनरल के सचिव के आवागमन के लिए बनाया गया था, ताकि वे राजभवन से शहर के दक्षिणी हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकें।रास्ते पर लाल रंग की ईंटों के छोटे-छोटे टुकड़े बिछाए गए थे। इसी वजह से लोगों ने इसे ‘रेड रोड’ कहना शुरू कर दिया।अक्टूबर 1985 में रेड रोड का आधिकारिक नाम इंदिरा गांधी सरणी रखा गया। हालांकि, स्थानीय लोगों की जुबान पर आज भी इसका पुराना नाम रेड रोड ही कायम है।पुराने दस्तावेजों और किताबों में इसका जिक्र ‘लेडीज माइलट के नाम से भी मिलता है, क्योंकि उस दौर में यूरोपीय महिलाएं यहां सुबह और शाम सैर करने आती थीं।द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, 1941 से 1945 के बीच जापानी हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए रेड रोड को अस्थायी एयरस्ट्रिप में बदल दिया गया था।इस सड़क का इस्तेमाल मित्र देशों के लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने और उतरने के लिए किया जाता था। इसके लिए आसपास की ट्राम सेवाओं के मार्ग तक बदलने पड़े थे।रेड रोड पर 1911 में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी के स्वागत में भव्य परेड आयोजित की गई थी।
आज भी पश्चिम बंगाल का गणतंत्र दिवस परेड हर साल 26 जनवरी को इसी सड़क पर आयोजित होता हैकोलकाता में गंगा नदी के बीच विवादा क्रूज पर लोगों ने योगासन किए
लाइफस्टाइल नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है
पीएम मोदी ने कहा- आधुनिक समय में जीवन के असतुंलन से जूझ रहे हैं। उन्हें मशक्कत करनी पड़ रही है। योग में बैलेंस जीवन जीने की कला सिखाता है। जब हम हमारे शरीर को सही तरीके से चलाना सीख लेते हैं तो स्वास्थ्य हमारा स्वाभव बन जाता है। योग केवल सिर्फ शरीर के स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का मार्ग भी दिखाता है। हमें क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए, इसका बोध योग करवाता है।योग आज के सिर्फ हमारी पर्सनल लाइफस्टाइल के लिए जरूरी है, इतना ही नहीं है, बल्कि ये एक जरूरत भी है। योग दिवस के मौके पर करोड़ों लोग योग से जुड़ते हैं, आइए हम संकल्प ले योग को सिर्फ एक दिन या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखेंगे।
भारत में, हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक, और पूर्व में पूर्वोत्तर और बंगाल से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र तक, पूरा देश योग की ऊर्जा से भरा हुआ लगता है
मोदी बोले- योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है
पीएम ने कहा- योग दिवस के मौके पर बंगाल में होना बहुत खास है। बंगाल की पवित्र भूमि, जहां विवेकानंद जैसे लोग ने योग से दुनिया को परिचित किया। लहिरि महाशय जैसे महान योगियों ने परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज उसी धरती पर सामूहिक योग का अनुभव अलग आध्यात्मिक अनुभव दे रहा है।योग जब स्वभाव में आता है तो मानवीय एकता का आधार पर बन जाता है। योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है। यह किसी एक आयु वर्ग के लिए सिमित नहीं है। भारत में हम देखते आए हैं, योग मानव जीवन के चेतना के साथ उर्जा के साथ एक प्रकाश भी है।इसलिए इस साल योग दिवस की थीम रखी गई है, योगा फॉर हेल्पिंग एजिंग। उम्र बढ़ने पर भी हम स्वस्थ रह सकते हैं। हम उर्जावान और सक्रिय रह सकते हैं।
मोदी ने कहा- दुनिया के हर हिस्से से योग की अद्भुत तस्वीर
पीएम मोदी ने कहा- 21 जून का ये दिन पृथ्वी के कुछ भू भाग पर साल में सबसे लंबी अवधि का दिन होता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण ये दिन विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन भी बन गया है।विश्व के अलग अलग हिस्सों से योग की एक से एक अद्भुत तस्वीर आ रही है। पूरा देश योग की उर्जा से चैत्नय से भरा हुआ नजर आ रहा है। पूरा विश्व एक दूसरे से जुड़ा हुआ दिख रहा है।यही तो योग की ताकत है। योग सबको जोड़ता है। योग सबको साथ लाता है। मैं इस मौके पर पूरे विश्व को संपूर्ण मानव समुदाय को योग दिवस की बहुत बहुक शुभकामनाएं देता हूं









