PM मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे.विषय पर सस्पेंस; कल लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाला बिल पास नहीं करा पाई थी सरकार. 54 वोटो से गिर गया था महिला आरक्षण बिल. 12 सालों में पहली बार मोदी सरकार नाकाम रही किसी बिल को पास करवाने में

PM मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे.विषय पर सस्पेंस; कल लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाला बिल पास नहीं करा पाई थी सरकार. 54 वोटो से गिर गया था महिला आरक्षण बिल. 12 सालों में पहली बार मोदी सरकार नाकाम रही किसी बिल को पास करवाने में kshititech
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे.विषय पर सस्पेंस; कल लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाला बिल पास नहीं करा पाई थी सरकार. 54 वोटो से गिर गया था महिला आरक्षण बिल. पहली बार मोदी सरकार नाकाम रही किसी बिल को पास करवाने में

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल कीखबर

शक्ति -भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। वे किस मुद्दे पर बोलेंगे, यह अभी नहीं बताया गया है। माना जा रहा है कि मोदी महिला आरक्षण के लागू होने के मुद्दे और संसद में पिछले दो दिनों के दौरान हुई घटनाओं पर बात कर सकते हैं।लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था।बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। सूत्रों के मुताबिक, PM ने शनिवार को कैबिनेट मीटिंग में कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन न करके गलती की है और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।सरकार जो 3 नए बिल लेकर आई थी, उनमें 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने का प्रस्ताव था। इसके लिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन भी किया जाना था।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है

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