मानव की इच्छाओं की पूर्ति न होना ही दुख का कारण, संयमित जीवन ही सच्चा सुख- परम पूज्य कापालिक,अघोर पीठ आश्रम में अनन्य दिवस पर सेवा, साधना और समर्पण का विराट संगम

मानव की इच्छाओं की पूर्ति न होना ही दुख का कारण, संयमित जीवन ही सच्चा सुख- परम पूज्य कापालिक,अघोर पीठ आश्रम में अनन्य दिवस पर सेवा, साधना और समर्पण का विराट संगम kshititech
पोडी दल्हा आश्रम में हुआ आयोजन
मानव की इच्छाओं की पूर्ति न होना ही दुख का कारण, संयमित जीवन ही सच्चा सुख- परम पूज्य कापालिक,अघोर पीठ आश्रम में अनन्य दिवस पर सेवा, साधना और समर्पण का विराट संगम kshititech
पोडी दल्हा आश्रम में हुआ आयोजन
मानव की इच्छाओं की पूर्ति न होना ही दुख का कारण, संयमित जीवन ही सच्चा सुख- परम पूज्य कापालिक,अघोर पीठ आश्रम में अनन्य दिवस पर सेवा, साधना और समर्पण का विराट संगम kshititech
पोडी दल्हा आश्रम में हुआ आयोजन

मानव की इच्छाओं की पूर्ति न होना ही दुख का कारण, संयमित जीवन ही सच्चा सुख- परम पूज्य कापालिक,अघोर पीठ आश्रम में अनन्य दिवस पर सेवा, साधना और समर्पण का विराट संगम

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम ट्रस्ट पोड़ीदल्हा अकलतरा की शाखा अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम पाकरगांव, लैलूंगा (जिला रायगढ़) में शनिवार को अनन्य दिवस का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक वातावरण में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं सेवा लाभार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल हवन-पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं अघोर नाम जप-संकीर्तन के साथ हुआ। पूरे आश्रम परिसर में आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण की भावना स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हुई।अनन्य दिवस के अवसर पर आश्रम द्वारा विशाल निःशुल्क एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें एजी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पत्थलगांव (जिला जशपुर) सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में कुल मिलाकर लगभग 2000 मरीजों को निःशुल्क जांच, उपचार एवं दवाइयों का वितरण किया गया। एलोपैथिक चिकित्सा शिविर में सर्दी, खांसी एवं बुखार से पीड़ित 800 मरीजों, सिकल सेल के 75 मरीजों, हड्डी रोग से ग्रसित 186 मरीजों तथा महिला रोग से संबंधित 210 मरीजों का उपचार किया गया। नेत्र परीक्षण शिविर में 86 मरीजों की जांच की गई, जिसमें 4 मरीज मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए। इन मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन एजी अस्पताल पत्थलगांव में आश्रम की ओर से कराया जाएगा। वहीं 38 मरीजों को चश्मा योग्य पाया गया। इसके अतिरिक्त हाइड्रोसील रोग के 15 मरीजों की जांच में 5 मरीज ऑपरेशन योग्य पाए गए, जिनका ऑपरेशन लैलूंगा में किया जाएगा। फिजियोथेरेपी सेवा के अंतर्गत कमर दर्द, घुटना दर्द, जोड़ दर्द, कंधा दर्द एवं लकवा से पीड़ित 45 मरीजों को विशेष उपचार प्रदान किया गया।

आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों द्वारा वातारोग के 221, उदर रोग के 90, चर्म रोग के 50, कास-खांसी के 78, पाइल्स के 20 एवं स्त्री रोग के 55 मरीजों सहित सैकड़ों मरीजों का निःशुल्क आयुर्वेदिक उपचार कर औषधियों का वितरण किया गया। सेवा कार्यों की कड़ी में आश्रम द्वारा ठंड से बचाव हेतु जरूरतमंदों को 4990 कंबलों का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही अनन्य दिवस के अवसर पर लगभग 6000 लोगों के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई, जिसमें श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने सहभागिता की।कार्यक्रम के समापन अवसर पर परम पूज्य कपिलिक धर्मरक्षित बाबा जी ने अपने आशीर्वचन में कहा किमानव की इच्छाओं की पूर्ति न होना ही दुख का मूल कारण है। संयमित जीवन ही सच्चा सुख, शांति और परमार्थ की ओर ले जाता है। बाहरी आडंबरों से हटकर आत्मा के भीतर प्रकाश और वास्तविकता को खोजने की आवश्यकता है। मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है।पूज्य बाबा जी के विचारों ने उपस्थित जनसमूह को आत्मचिंतन एवं सेवा भाव के लिए प्रेरित किया

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