स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल हो गई चालू,16 एवं 17 जुलाई को दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे कर्मचारी, अपनी मांगों को लेकर अड़े सदस्य कहा- मांगे पूरी न होने तक शासन के खिलाफ जारी रहेगा आक्रोश, शक्ति जिले के 200 स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचे जेठा कलेक्ट्रेट कार्यालय, प्रदेश भर में 16000 कर्मचारी चले गए हैं हड़ताल पर, संघ के पदाधिकारी विनोद राठौर ने दी जानकारी

स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल हो गई चालू,16 एवं 17 जुलाई को दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे कर्मचारी, अपनी मांगों को लेकर अड़े सदस्य कहा- मांगे पूरी न होने तक शासन के खिलाफ जारी रहेगा आक्रोश, शक्ति जिले के 200 स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचे जेठा कलेक्ट्रेट कार्यालय, प्रदेश भर में 16000 कर्मचारी चले गए हैं हड़ताल पर, संघ के पदाधिकारी विनोद राठौर ने दी जानकारी kshititech
शक्ति जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की 16 जुलाई को आयोजित हड़ताल
स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल हो गई चालू,16 एवं 17 जुलाई को दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे कर्मचारी, अपनी मांगों को लेकर अड़े सदस्य कहा- मांगे पूरी न होने तक शासन के खिलाफ जारी रहेगा आक्रोश, शक्ति जिले के 200 स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचे जेठा कलेक्ट्रेट कार्यालय, प्रदेश भर में 16000 कर्मचारी चले गए हैं हड़ताल पर, संघ के पदाधिकारी विनोद राठौर ने दी जानकारी kshititech
हड़ताल को संबोधित करते संघ के पदाधिकारी

स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल हो गई चालू ,16 एवं 17 जुलाई को दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे कर्मचारी, अपनी मांगों को लेकर अड़े सदस्य कहा- मांगे पूरी न होने तक शासन के खिलाफ जारी रहेगा आक्रोश

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ एनएचएम की हड़ताल आज 16 जुलाई से प्रारंभ हो गई, संघ द्वारा पूर्व में ही अपनी दो दिवसीय हड़ताल को लेकर सूचना जारी की गई थी, तथा शासन द्वारा संघ की मांगे ना माने जाने पर संघ हड़ताल के लिए मजबूर हो गया है, एवं संघ का कहना है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तो आगे भी शासन के खिलाफ आक्रोश इसी तरह से जारी रहेगा, 16 और 17 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के करीब 16,000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए है। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य उनकी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुँचाना है—जैसे कि बेहतर वेतन, जॉब सुरक्षा, अनुकंपा नियुक्ति, नई पेंशन स्कीम, दुर्घटना बीमा और वेतन विसंगति का समाधान है

छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ द्वारा प्रारंभ की गई हड़ताल के अंतर्गत संघ की प्रमुख रूप से मांगे कर्मचारी समूह: डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब व एक्स‑रे तकनीशियन, काउंसलर, एएनएम, कार्यालयीन स्टाफ और सफाईकर्मी शामिल हैं,एवम हड़ताल से जहां स्वास्थय विभाग की ओपीडी, टीबी/मलेरिया नियंत्रण, टीकाकरण, लैब जांच, नवजात देखभाल केन्द्र, पोषण पुनर्वास, आयुष्मान केन्द्र आदि सेवाओं में व्यापक व्यवधान की आशंका है। तो वहीं प्रथम दिवस प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है एवं कल 17 जुलाई को राजधानी रायपुर में विधानसभा घेराव तथा प्रदर्शन किया जाएगा,इसी तारतम्य मे कलेक्टर ऑफिस के सामने जेठा मे जिला सक्ति के 200 एनएचएम कर्मचारियों द्वारा मंच के माध्यम से शासन का विरोध प्रदर्शन कर, रैली निकाली गईं ततपश्चयात कलेक्टर को ज्ञापन सौपा गया। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल के रूप में बढ़ सकता है

*संघ की प्रमुख मांगों के अंतर्गत वेतन में सुधार और ग्रेड पे को सही मानदंडों के अनुरूप लागू करना,संविदा कर्मचारियों के लिए जॉब सिक्योरिटी एवं नियमितीकरण,दुर्घटना बीमा, नई पेंशन स्कीम, डीए तथा स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएँ,वेतन विसंगति का निराकरण, समकक्षता की स्थापना,पब्लिक हेल्थ कार्ड और सेवा शर्तों में स्थायित्व,इन मांगों को लेकर पिछले कई वर्षों में कई सरकारों के समय भी समाधान नहीं निकला है, जिससे कर्मचारी लंबे समय से संघर्षरत हैं, संघ का कहना है कि यह दो दिवसीय हड़ताल 16 और 17 जुलाई को है, जिसका उद्देश्य संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मूलभूत मांगों को प्रभावी ढंग से उजागर करना है। यदि सरकार योग्य कार्रवाई नहीं करती है, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप ले सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर और गंभीर असर पड़ेगा।

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