जिला मुख्यालय शक्ति शहर के अनुनय कॉन्वेंट स्कूल में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर सशक्तीकरण, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता का संदेश. डायरेक्टर योगेश साहू के मार्गदर्शन में छठवीं से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए हुआ आयोजन




जिला मुख्यालय शक्ति शहर के अनुनय कॉन्वेंट स्कूल में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर सशक्तीकरण, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता का संदेश. डायरेक्टर योगेश साहू के मार्गदर्शन में छठवीं से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए हुआ आयोजन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ति। नगर में संचालित अनुनय कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर निदेशक योगेश साहू के मार्गदर्शन में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक की छात्राओं के लिए दोनों पालियों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।कार्यक्रम में छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, समान अवसर एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ विद्यालय की कराटे प्रशिक्षक यशु गबेल द्वारा आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, अधिकारों एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।इस अवसर पर प्राचार्य किरण श्रीवास सहित शिक्षिकाओं ने छात्राओं से संवाद करते हुए अपने विचार साझा किए।प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता से बालिकाएं अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लेने में सक्षम बन सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को कक्षा 10वीं एवं 12वीं की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देकर अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।अपर्णा बोस ने महिला सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए छात्राओं को सामाजिक चुनौतियों का सामना करने, शिक्षा पर ध्यान देने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।मेम पटेल ने कहा कि शिक्षा ही बालिकाओं को सशक्त, आत्मविश्वासी एवं आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।ममता साहू ने बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया।प्रीतिका साहू एवं छाया पटेल ने सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं सकारात्मक उपयोग, निजी जानकारियों की गोपनीयता तथा महिलाओं के बीच आपसी सहयोग एवं एकजुटता के महत्व पर प्रकाश डाला। छाया पटेल ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के साहस एवं संघर्ष को बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।करिश्मा परिहार ने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अन्य महिलाओं एवं बालिकाओं को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण में विशेष रुचि दिखाई। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा, अधिकारों एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया गया।इस अवसर पर बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
अंत में, विद्यालय परिवार ने सभी छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा उन्हें शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनकर जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी महिला शिक्षिकाओं ने भरपूर सहयोग दिया.






