केंद्र सरकार की अहम समिति में मिला कमलेश जांगड़े को दायित्व-विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर संयुक्त समिति की सदस्य नियुक्त की गई जांजगीर-चांपा लोकसभा की सांसद कमलेश जांगड़े




केंद्र सरकार की अहम समिति में मिला कमलेश जांगड़े को दायित्व-विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर संयुक्त समिति की सदस्य नियुक्त की गई जांजगीर-चांपा लोकसभा की सांसद कमलेश जांगड़े
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति-केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक पर गठित की गई संयुक्त समिति में जांजगीर चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े को नियुक्त किया गया है।श्रीमती जांगड़े की नियुक्ति पर जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी है तो वहीं सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा है कि मुझे जिस विश्वास के साथ इस संयुक्त समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। मैं पूरी जिम्मेदारी एवं सजगता के साथ अपनी जिम्मेदारियो का निर्वहन करूंगी। तथा समिति का गठन दिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया गया है। उसमें सभी सदस्यों के सहयोग से इसके कार्यों को गति प्रदान करेंगे। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा गठित की गई इस समिति में अन्य सदस्यों में डॉ. संजय जायसवाल।भर्तृहरि महताब।श्री तेजस्वी सूर्य।श्री मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल।डॉ. निशिकांत दुबे।श्री विष्णु दयाल राम।श्री अनंत नायक।श्री अरविंद धर्मपुरी।श्री एंटो एंटनी।श्री कैप्टन विरियाटो फर्नांडीस।श्री मुहम्मद हमदुल्लाह सईद।श्री काली चरण मुंडा।श्री जियाउर रहमान।श्री कल्याण बनर्जी।श्री ए. राजा।श्री लवु श्री कृष्ण देवरायलु।श्री नरेश गणपत महास्के।श्री कौशलेंद्र कुमार।सुप्रिया सुले।श्री ई. टी. मोहम्मद बशीर।श्री सी. सदानंदन मास्टर।श्री हर्ष वर्धन श्रृंगला।श्री उज्ज्वल देवराव निकम एवं डॉ. अलका गुर्जर को नियुक्त किया गया है
संयुक्त समिति गठन का क्या है उद्देश्य
सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (Foreign Contribution Regulation Amendment Bill, 2026) की विस्तृत जांच और समीक्षा करने के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया है।इस विधेयक को पहले 12 अगस्त 2026 को संसद द्वारा संयुक्त समिति के पास भेजने की मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा इस समिति के सदस्यों की आधिकारिक घोषणा की गई है।समिति की मुख्य संरचना में अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोकसभा सांसद डॉ. संजय जायसवाल को इस संयुक्त समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस समिति में कुल 31 सदस्य शामिल हैं, जिनमें से 21 सदस्य लोकसभा से और 10 सदस्य राज्यसभा से मनोनीत किए गए हैं।समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के बड़े चेहरों को शामिल किया गया है।समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा हेतु समिति को निर्देश दिया गया है कि वह विधेयक के सभी प्रावधानों की बारीकी से समीक्षा कर संसद के शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपे।इस संयुक्त समिति (JPC) गठन का उद्देश्य प्रमुख रूप से विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA), 2010 में प्रस्तावित नए संशोधनों की समीक्षा करेगी। विधेयक का मुख्य उद्देश्य विदेशी फंडिंग और चंदे के उपयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों द्वारा बिल के कुछ कड़े प्रावधानों (जैसे विदेशी धन से बनी परिसंपत्तियों को सरकारी प्राधिकरण के नियंत्रण में लेने के नियम) पर जताई गई चिंताओं और आपत्तियों के बाद सरकार ने इसे व्यापक विचार-विमर्श के लिए इस संयुक्त समिति को सौंपा है







