इटली पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री मोदी.भारत और इटली के बीच हुई विशेष डील. मोदी ने कहा- भारत और इटली का रिश्ता केवल डिप्लोमेसी का नहीं. बल्कि साक्षी धरोहर का है



इटली पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री मोदी.भारत और इटली के बीच हुई विशेष डील. मोदी ने कहा- भारत और इटली का रिश्ता केवल डिप्लोमेसी का नहीं. बल्कि साक्षी धरोहर का है
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -दो दिवसीय इटली दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साझा बयान में कहा कि पिछले लगभग साढ़े 3 सालों में मुझे कई बार प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का मौका मिला है। यह भारत और इटली के बीच करीबी सहयोग और सामंजस्य को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में हमारे संबंधों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है।उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि हम अपने संबंधों को अपग्रेड करते हुए स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा कर रहे हैं। आज की बैठक में हमने हमारी भावी साझेदारी को और सशक्त बनाने के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की। भारत-इटली ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029 हमारी साझेदारी को एक व्यवहारिक और फ्यूचरिस्टिक ढांचा प्रदान करता है। हम इस पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि इटली विश्व में डिजाइन और सटीकता के लिए जाना जाता है। भारत की पहचान स्केल, टेलेंट और अफोर्डेवल इनोवेशन के पावर हाउस की है। इसलिए हम डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली एंड डिलीवर फॉर वर्ल्ड सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में करीबी सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है। हमारी सेनाओं के साथ साथ दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच भी सहयोग बढ़ रहा है। हमारे डिफेंस इंडस्ट्रीयल रोडमैप से को-डेवलपमेंट और को-प्रोडेक्शन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।समुद्री शक्तियों के रूप में भारत और इटली के बीच कनेक्टिविटी के क्षेत्र में करीबी सहयोग स्वाभाविक है। हम मिलकर शिपिंग, पोर्ट मॉर्डनाइजेशन, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी पर काम करेंगे।पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इटली एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। टेरर फंडिंग के खिलाफ हमारी साझा पहल ने पूरे विश्व के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है।भारत और इटली ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा नहीं करतीं, बल्कि उसके वित्तीय चेन को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाती हैं।यूक्रेन, पश्चिम एशिया तथा अन्य तनावों को लेकर हम लगातार संपर्क में रहे हैं। भारत का मत स्पष्ट है कि सभी समस्याओं का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए से होना चाहिए। हमारा रिश्ता केवल डिप्लोमेसी का नहीं, बल्कि साझी धरोहर का है। अगले वर्ष भारत और इटली के संबंधों की 80वीं एनिवर्सरी के उपलक्ष्य में ईयर ऑफ कल्चर मनाया जाएगा। इससे हमारे सांस्कृतिक संबंधों को और ताकत मिलेगी






