दिवाली तक सोना डेढ़ लाख एवं चांदी पहुंचेगी 2 लाख, ज्वेलरी बाजार जानकारो की जुबानी, लोग सोना,चांदी पहनने के लिए नहीं बल्कि पैसे इन्वेस्ट करने के लिए खरीद रहे हैं- सूत्र

दिवाली तक सोना डेढ़ लाख एवं चांदी पहुंचेगी 2 लाख, ज्वेलरी बाजार जानकारो की जुबानी, लोग सोना,चांदी पहनने के लिए नहीं बल्कि पैसे इन्वेस्ट करने के लिए खरीद रहे हैं- सूत्र kshititech

दिवाली तक सोना डेढ़ लाख एवं चांदी पहुंचेगी 2 लाख, ज्वेलरी बाजार जानकारो की जुबानी, लोग सोना,चांदी पहनने के लिए नहीं बल्कि पैसे इन्वेस्ट करने के लिए खरीद रहे हैं- सूत्र

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- पूरे देश भर में जिस तरह से सोने चांदी की कीमतें आसमान छू रही है, उसे देखते हुए ज्वेलरी बाजार के विद्वान पंडितों ने कहा है कि आने वाले दीपावली त्यौहार तक सोने की कीमतें डेढ़ लाख रुपए प्रति तोला एवं चांदी की कीमतें ₹200000 प्रति किलो तक पहुंच सकती हैं, कीमतों में भारी उछाल के बावजूद बाजार में रौनक है,तथा लोग सोने चांदी के जेवर खरीदने के लिए टूट पड़े हैं, उसे देख ऐसा लगता है कि यह बढ़ोतरी इसी स्पीड से जारी रहेगी, तथा सबसे ज्यादा महंगाई सोने चांदी की कीमतों में आई है, एवं इस पर कोई नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, साथ ही वर्तमान तेजी को देखते हुए लोग पैसे इन्वेस्ट करने के लिए सोने चांदी खरीद रहे हैं

वहीं जानकारों का मानना है कि सोने चांदी की कीमतों को लेकर हाई लेवल की पॉलिटिक्स चल रही है, तथा कहीं ना कही इस धंधे में बड़ी हस्तियां शामिल हो गई हैं, जो कि इस पूरे व्यापार को हाईटेक बन चुकी हैं, साथ ही अगर कीमतें इसी तरह से बढ़ती रही तो आम नागरिक क्या सोने चांदी के जेवर पहन पाएगा, इसकी चिंता कहीं ना कहीं सरकारों को भी करनी चाहिए, एवं आज आखिरकार सोने चांदी के सामानों में ऐसा क्या हो गया जो कीमतें इतनी आसमान छू रही है, किंतु ऐसा लगता है की सरकारों को भी इसकी कोई चिंता नहीं है, एवं सोने चांदी की बढ़ रही कीमतों से जहां डकैती, लूटमारी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है, तो वहीं अगर इसकी कीमतें और बढ़ गई तो आम आदमी का क्या होगा यह समझ से परे है, वही सोने, चांदी की बढ़ती कीमतों के चलते मनुष्य की दैनिक जीवनचर्या यह हो गई है कि वह बिस्तर से उठते ही पहले मोबाइल पर सोने चांदी की कीमतों को देखता है, उसके बाद अपने आगे के नित्य कार्य करता है, आखिरकार मनुष्य रात को जब सोता भी है तो कहीं ना कहीं उसके दिमाग में कीमतों का आकलन चल रहा होता है, तो आखिरकार प्रत्येक व्यक्ति इन बढ़ती कीमतों से कहीं ना कहीं उधेड़बुन में लगा हुआ है

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