पोरथा गांव के खेदु बैगा चौक में दीपावली पर हुआ गौरा गौरी पूजा उत्सव का आयोजन, राठौर, साहू परिवार द्वारा दशकों से परंपरा का किया जा रहा निर्वहन, भगवान शिव जी की भी निकली बारात,डॉ. सूरज सिंह राठौर ने कहा- पूरे गांव में रहा भक्ति का माहौल

पोरथा के राठौर साहू परिवार द्वारा आयोजित गौरा गौरी पूजन कार्यक्रम
पोरथा के राठौर साहू परिवार द्वारा आयोजित गौरा गौरी पूजन कार्यक्रम

पोरथा गांव के खेदु बैगा चौक में दीपावली पर हुआ गौरा गौरी पूजा उत्सव का आयोजन, राठौर, साहू परिवार द्वारा दशकों से परंपरा का किया जा रहा निर्वहन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- शक्ति शहर से लगे ग्राम पोरथा के खेदू बैगा चौक में वर्षों से दिवाली के दिन आयोजन किया जाता है, गौरा गौरी पूजा उत्सव का आयोजन,गांव के प्रतिष्ठित राठौर प्रिंटिंग प्रेस के संचालक पोरथा निवासी हेतराम राठौर द्वारा ग्राम बैगा समुदाय और खेदू बैगा चौक वासियों के सहयोग से सालों से दिवाली के दिन आयोजन किया जाता रहा है, गौरा गौरी पूजा,विगत कई वर्षों से बरत राम साहू परिवार इस उत्सव प्रथा को ग्राम बैगा परिवार तथा मोहल्ला वासियों के सहयोग से निभाते चल रहे है, नरक चतुर्दश के दिन होता है फूल कुटनी रस्म- जिसमें 21 प्रकार के फूलों से होती है पूजा की शुरुआत, अगली दिवाली की सुबह चूल माटी के लिए बाजे- गाजे के साथ जाते है मोहल्ले में वासी, दिवाली की रात निकाली जाती है शिव भगवान की बारात, एक गांव के एक मोहल्ले से दूसरे मुहल्ले तक जाती है बरात,जहां गौरी माता के साथ शिव गौरा की मूर्तियों का होता है विवाह, गोवर्धन पूजा के दिन शिव गौरा , गौरी रानी,शीत बाबा की मूर्तियों का होता है सार्वजनिक पूजा जिसके बाद गोवर्धन पूजा के दिन दोपहर को होता है मूर्तियों का विसर्जन

वर्षों से दिवाली के दिन चली आ रही इस प्रथा को निभाते आ रहे है राठौर प्रिंटिंग प्रेस संचालक पोरथा निवासी हेतराम राठौर और बरत राम साहू अब उनके पुत्र एवं पुत्रवधू डॉ रोशन सिंह राठौर- रीमा राठौर, डॉ सूरज सिंह राठौर – डॉ कल्पना राठौर इस प्रथा में देते है अपना पूरा सहयोग मुहल्ले में रहता हैं शिव भक्ति का माहौल, इस संबंध में डॉक्टर सूरज सिंह राठौर ने बताया कि यह परंपरा दशकों से चली आ रही है, जिसका निर्वहन उनके परिवार जनों द्वारा किया जा रहा है, एवं इस धार्मिक आयोजन को लेकर जहां पूरे ग्राम वासी भी इसमें एकत्रित होते हैं, तो वहीं इस पूजा का एक अलग ही उत्साह देखते ही बनता है

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