ई-नीलामी से लेकर सड़क निर्माण नीति तक बदलाव, साय कैबिनेट ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले. सरकारी विभागों में जमा स्क्रैप की होगी नीलामी. ठेकेदारों को दी सरकार ने बड़ी राहत. 26 मई को संपन्न में बैठक में हुए निर्णय

ई-नीलामी से लेकर सड़क निर्माण नीति तक बदलाव, साय कैबिनेट ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले. सरकारी विभागों में जमा स्क्रैप की होगी नीलामी. ठेकेदारों को दी सरकार ने बड़ी राहत. 26 मई को संपन्न में बैठक में हुए निर्णय kshititech

ई-नीलामी से लेकर सड़क निर्माण नीति तक बदलाव, साय कैबिनेट ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले. सरकारी विभागों में जमा स्क्रैप की होगी नीलामी. ठेकेदारों को दी सरकार ने बड़ी राहत. 26 मई को संपन्न में बैठक में हुए निर्णय

सक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -26 मई को छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में स्क्रैप निस्तारण, कर्मचारी चयन मंडल और सड़क निर्माण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, राजस्व बढ़ाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और विकास कार्यों की गति को बनाए रखना बताया गया है।

स्क्रैप निस्तारण व्यवस्था को मिलेगा नया विस्तार

कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में पड़े अनुपयोगी और स्क्रैप सामग्री के वैज्ञानिक एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए भारत सरकार के उपक्रम मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MSTC) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध को तीन वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है।यह अनुबंध नवंबर 2019 से लागू है और 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा था। MSTC के ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के खरीदार ऑनलाइन प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर स्क्रैप सामग्री खरीदते हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि राज्य को बेहतर राजस्व भी प्राप्त हुआ है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अलग-अलग टेंडर प्रक्रिया की आवश्यकता समाप्त होगी। प्रशासनिक समय और संसाधनों की बचत होगी। कार्यालयों में जगह का बेहतर उपयोग होगा। स्क्रैप निस्तारण अधिक तकनीक आधारित और व्यवस्थित होगा।

कर्मचारी चयन आयोग को लेकर फैसला

कर्मचारी चयन मंडल अब सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन
बैठक में एक और अहम निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में संशोधन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम, 2026” लागू होने के बाद पूर्व के छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नए चयन मंडल में विलय किया जा चुका है। साथ ही इसकी सभी परिसंपत्तियाँ और देनदारियाँ भी नए मंडल में समाहित हो चुकी हैं। इस कदम को प्रशासनिक ढांचे को अधिक केंद्रीकृत, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिटुमिन की कीमतों में बढ़ोतरी पर ठेकेदारों को राहत

कैबिनेट ने सड़क निर्माण कार्यों से जुड़ा एक अहम आर्थिक निर्णय लेते हुए बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि के चलते ठेकेदारों को आंशिक मूल्य राहत देने की मंजूरी दी है। यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए लागू होगी और केवल बिटुमिन की कीमतों में हुई असामान्य वृद्धि के प्रभाव को कम करने हेतु निर्धारित फार्मूले के आधार पर दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत सीमित और आंशिक होगी। अन्य निर्माण घटकों पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम यथावत रहेंगे।

वैश्विक कीमतों के असर से बचाने की कोशिश

सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी के कारण डामरीकरण कार्य प्रभावित हो रहे थे। इससे सड़क निर्माण और रखरखाव परियोजनाओं की गति धीमी होने की आशंका थी। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में इसी तरह की राहत दिए जाने के निर्देश पहले से मौजूद हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है।

सरकार का फोकस: विकास और पारदर्शिता

इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार का फोकस एक ओर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों को बिना बाधा जारी रखना है। स्क्रैप निस्तारण से लेकर सड़क निर्माण तक लिए गए ये फैसले राज्य में वित्तीय दक्षता, तकनीकी उपयोग और विकास कार्यों की गति को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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