सरकार की वादा खिलाफी, कर्मचारियों पर बड़ी भारी- राज्य सरकार के खिलाफ बिजली कर्मचारी उतरेंगे सड़कों पर, 11 मार्च को पुरानी पेंशन बहाली को लेकर होगी गेट मीटिंग, राज्य शासन के आदेश के बावजूद नहीं हो रही पेंशन बहाली,बीते महीनों 10000 कर्मचारियों ने करी थी सामूहिक हड़ताल

सरकार की वादा खिलाफी, कर्मचारियों पर बड़ी भारी- राज्य सरकार के खिलाफ बिजली कर्मचारी उतरेंगे सड़कों पर, 11 मार्च को पुरानी पेंशन बहाली को लेकर होगी गेट मीटिंग, राज्य शासन के आदेश के बावजूद नहीं हो रही पेंशन बहाली,बीते महीनों 10000 कर्मचारियों ने करी थी सामूहिक हड़ताल kshititech
11 मार्च को पावर कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों की होगी गेट मीटिंग

राज्य सरकार के खिलाफ बिजली कर्मचारी उतरेंगे सड़कों पर, 11 मार्च को पुरानी पेंशन बहाली को लेकर होगी गेट मीटिंग, राज्य शासन के आदेश के बावजूद नहीं हो रही पेंशन बहाली,बीते महीनों 10000 कर्मचारियों ने करी थी सामूहिक हड़ताल

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सकती- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में पुरानी पेंशन की बहाली के लिए कर्मचारी फिर से लामबंद हो गए हैं। छत्तीसगढ़ पॉवर कंपनी अधिकारी – कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सोमवार को कंपनी मुख्यालय परिसर में गेट मीटिंग आयोजित की गई है। मोर्चा के संयोजक बी बी जायसवाल ने बताया कि पॉवर कंपनी में 01 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कार्मिकों (अधिकारी –कर्मचारी) के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाली हेतु राज्य शासन के ऊर्जा विभाग से आदेश जारी होने के पाँच महीने बाद भी अब तक कंपनी प्रबंधन ने आदेश जारी नहीं किया है।

श्री जायसवाल ने बताया कि राज्य शासन ने अक्टूबर में अपने आदेश में पॉवर कंपनी के कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली पर सहमति जताई थी, जिसके आधार पर पॉवर कंपनी को सिर्फ आदेश निकालने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्रबंधन द्वारा शासन के आदेश की प्रतीक्षा का हवाला दिया जाता रहा। अब जब शासन की सहमति प्राप्त हो चुकी है और आचार संहिता को हटे भी तीन माह बीत चुके हैं ऐसे में कंपनी प्रबंधन का यह रवैय्या अपने कार्मिकों के विरूद्ध नजर आता है,संयुक्त मोर्चा के संयोजक श्री जायसवाल ने बताया कि कंपनी मुख्यालय में सोमवार को आयोजित गेट मीटिंग में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में कर्मचारी—अधिकारी एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने आगाह किया है कि प्रबंधन द्वारा मांगे नहीं माने जाने पर सामुहिक हड़ताल और धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा

उन्लेखनीय है कि पॉवर कंपनी के दस हजार से अधिक कार्मिकों ने बीते 18 अगस्त 2023 को एक दिवसीय सामुहिक हड़ताल किया था, जिससे विद्युत व्यवस्था पर काफी प्रभावित हुई थी। इसके बाद शासन ने ओपीएस बहाली का निर्णय लिया था। इधर वर्तमान शासन ने भी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सकारात्मक रूख अपनाते हुए शासन में कार्यरत कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन को जारी रखने का निर्णय लिया है।

प्रातिक्रिया दे

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading