नौकरशाही पर लाएंगी सरकार कसावट-मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच CM विष्णु देव साय की आधी रात को मीटिंग, मंत्रियों से लेकर BJP नेता थे मौजूद. बैठक पर विपक्ष ने कसा तंज। विकास उपाध्याय ने कहा -बैठक बुलाना भाजपा की अंदरूनी बेचैनी. कोरिया में भाजपा नेता की हत्या पर भी गंभीर हुई सरकार

नौकरशाही पर लाएंगी सरकार कसावट-मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच CM विष्णु देव साय की आधी रात को मीटिंग, मंत्रियों से लेकर BJP नेता थे मौजूद. बैठक पर विपक्ष ने कसा तंज। विकास उपाध्याय ने कहा -बैठक बुलाना भाजपा की अंदरूनी बेचैनी. कोरिया में भाजपा नेता की हत्या पर भी गंभीर हुई सरकार kshititech

नौकरशाही पर लाएंगी सरकार कसावट-मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच CM विष्णु देव साय की आधी रात को मीटिंग, मंत्रियों से लेकर BJP नेता थे. बैठक पर विपक्ष ने कसा तंज। विकास उपाध्याय ने कहा -बैठक बुलाना भाजपा की अंदरूनी बेचैनी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ की सियासत में उस वक्त अचानक से खलबली मच गई, जब गुरुवार देर रात सीएम विष्णु देव साय के आवास पर बैठख बुलाई गई। सीएम आवास पर अचानक बुलाई गई यह बैठक गुरुवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई और देर रात करी 1 बजकर 40 मिनट पर समाप्त हुई।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बुलाई गई इस बैठक में साय कैबिनेट के मंत्री समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारे में मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा चलने लगी। हालांकि, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फेरबदल की खबरों को खारिज करते हुए इसे केवल कामकाज की समीक्षा बताया है।

बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?

सीएम आवास पर बुलाई गई इस बैठक में उपस्थित लोगों में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, लक्ष्मी राजवाड़े, गुरु खुशवंत साहब, दयाल दास बघेल, टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जयसवाल और भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महासचिव अजय जामवाल शामिल थे।

विभागवार हुई समीक्षा

बैठक में विभागवार समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनावी घोषणापत्र के अधूरे वादों को समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से पूरा किया जाए। इसके साथ ही, नौकरशाही में कसावट लाने और जनहित की योजनाओं को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। मंत्रियों से कहा गया कि वे अपने विभागों के लिए नए लक्ष्य तय करें, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।राजनीतिक दृष्टिकोण से इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को संगठन के साथ मिलकर चलने की कड़ी हिदायत दी। बैठक में तय हुआ कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को प्रशासन में पूरी प्राथमिकता दी जाएगी।सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संगठन के माध्यम से जनता के बीच पैठ मजबूत की जाएगी। देर रात तक चली इस मैराथन बैठक से स्पष्ट संदेश मिला है कि सरकार अपने बचे हुए कार्यकाल में पूरी तरह ‘परफार्मेंस मोड’ में काम करेगी, ताकि किसी भी तरह की सत्ता विरोधी लहर को समय रहते रोका जा सके।मंत्रिमंडल में बदलाव की अफवाहइस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में साय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थी। हालांकि, मीडिया से बात करते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सिरे से खारिज कर दिया। विजय शर्मा ने हंसते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि यह खबर मीडिया में कैसे फैल गई। सब ठीक है।”

भाजपा के भीतर की बेचैनी- विपक्ष

वहीं, इस बैठक को लेकर पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने दावा किया कि देर रात हुई बैठक भाजपा सरकार के भीतर बढ़ती बेचैनी को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार में संतुलन की कमी है। सभी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा सरकार ढाई साल बाद विफल हो गई है और आंतरिक मतभेद गहरे हैं।”छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने एक कदम आगे बढ़कर दावा किया कि मंत्रिस्तरीय फेरबदल, संभावित इस्तीफे और यहां तक कि नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं ने सत्ताधारी तंत्र के भीतर दबाव पैदा कर दिया, जिसके चलते मुख्यमंत्री को आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ी।

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