एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानों में की गई भारी कटौती.ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते कंपनियों ने लिया फैसला



एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानों में की गई भारी कटौती.ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते कंपनियों ने लिया फैसला
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया अपनी डोमेस्टिक फ्लाइटों में कटौती कर दी है। फ्लाइटों में यह कटौती मुख्य रूप से जून से अगस्त तक रहेगी। इसके बाद हालातों को देखते हुए फ्लाइटों में यह कटौती जारी रखी जाएगी।
एयर इंडिया ने इस कटौती का मुख्य कारण महंगे होते जा रहे एविएशन टर्बाइन फ्यूल को बताया है। जबकि इंडिगो ने इसका कारण जून से सितंबर तक डिमांड कम होना बताया है।एयर इंडिया ने अपनी डोमेस्टिक फ्लाइटों में यह कटौती 22 फीसदी तक की है। जिसमें ऐसे कुछ चुनिंदा रूट, जिन पर ट्रैफिक कम चल रहा है।
कटौती को लेकर क्या है एयर इंडिया का कहना
वहां जरूरत के मुताबिक फ्लाइटों को मर्ज करने या फिर फ्लाइटों को कट करने के रूप में लिया जाएगा। इससे पहले एयर इंडिया ने अपने इंटरनेशनल रूटों वाली फ्लाइटों में 27 फीसदी तक की कटौती की थी। एयर इंडिया का कहना है कि डोमेस्टिक रूटों पर भी फ्लाइटों में यह राशनिंग फिलहाल जून से अगस्त के बीच ही रहेगी।
मामले में क्या बोलीं इंडिगो एयरलाइन
एयर इंडिया के मुताबिक, जैसा की इससे पहले जून और अगस्त 2026 के बीच इंटरनेशनल फ्लाइटों में कटौती की गई थी। इसी समय के दौरान कुछ डोमेस्टिक फ्लाइटों में भी अस्थायी रूप से कटौती की जा रही है। इसमें कुछ चुनिंदा मार्गों पर उड़ानों की संख्या (फ्रीक्वेंसी) कम की गई है।
ईंधन की ऊंची कीमतों को बताया कारण
एयर इंडिया ने इसका कारण मुख्य रूप से ईंधन की ऊंची कीमतों को बताया। जिस वजह से फ्लाइटों को ऑपरेट करना निरंतर महंगा पड़ता जा रहा है। एयर इंडिया डिमांड और ऑपरेशंस पर बारीकी से निगरानी करना जारी रखेगी, ताकि स्थिति सामान्य होने पर उड़ानों की संख्या को फिर से बहाल किया जा सके।
डिमांड में कमी कटौती का दूसरा कारण
एयर इंडिया ने कहा है कि इन बदलावों से प्रभावित होने वाले यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में सीट उपलब्ध कराने, फ्री में यात्रा की डेट बदलने या फिर नियमानुसार फुल रिफंड ले सकते हैं। इधर, इंडिगो का कहना है कि उसने अपनी डोमेस्टिक फ्लाइटों में यह कटौती महंगे एविएशन फ्यूल की वजह से नहीं बल्कि डिमांड में कमी की वजह से की है।
सात फीसदी तक फ्लाइटों में की गई कमी
कुछ रूटों पर डिमांड कम होने की वजह से फ्लाइटों में सात फीसदी तक की कटौती की गई है। यह कटौती जून से सितंबर मध्य तक रहेगी। इस बीच डिमांड बढ़ती है तो कट की जा रहीं फ्लाइटों को फिर से शुरू कर दिया जाएगा। इन दो एयरलाइंस के अलावा अन्य एयरलाइंस भी अपनी फ्लाइटों में कमी कर रही हैं।






