बड़ी खबर- नगरीय निकायों में अब निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की जगह पति या की परिवार के अन्य सदस्यों का हस्तक्षेप खत्म. 7 अगस्त को छत्तीसगढ़ के राजपत्र में हुआ प्रकाशन. नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने किया बड़ा संशोधन. नियम के आभाव में आए दिन नगरीय निकायों में होती थी विवाद की स्थिति



बड़ी खबर- नगरीय निकायों में अब निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की जगह पति या की परिवार के अन्य सदस्यों का हस्तक्षेप खत्म. 7 अगस्त को छत्तीसगढ़ के राजपत्र में हुआ प्रकाशन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ प्रदेश के नगर निगम. नगर पालिकाओं। नगर पंचायत में अब निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति या की परिवार के अन्य सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन विकास विभाग द्वारा 7 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ के राजपत्र मे इसकी विधिवत अधिसूचना जारी कर दी गई है।
क्या जारी हुई है अधिसूचना
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 6 अगस्त 2026 की अधिसूचनाक्र.RULE-801/101/2026-UAD के अनुसार छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्र. 23 सन् 1956) की धारा 433 सहपठित धारा 9 की उप-धारा (1) के खण्ड (ड.) तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 (क्र. 37 सन् 1961) की धारा 355 सहपठित धारा 19 की उप-धारा (1) के खण्ड (ड.) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्द्वारा, छत्तीसगढ़ नगरपालिक (लोकसभा सदस्य या राज्य विधानसभा के सदस्य या राज्य सभा के सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएँ) नियम, 2022 में निम्नलिखित संशोधन करती है, अर्थात संशोधन उक्त नियमों में,-नियम 3 के पश्चात्, निम्नलिखित जोड़ा जाये, अर्थात्ः-“4.- निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाशनपर प्रतिषेध. किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नामनिर्दिष्ट अथवा नियुक्त नहीं किया जाएगा।”छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भागवत जायसवाल, उप-सचिव.







