बड़ी खबर- फॉर्चून का तेल fssi के लैब में हुआ फेल. जांच के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप विटामिन ए और विटामिन डी की कम पाई गई मात्रा. विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा सैंपल के अनुसार निम्न गुणवत्ता का उत्पाद




बड़ी खबर- फॉर्चून का तेल fssi के लैब में हुआ फेल. जांच के दौरान निर्धारित विटामिन से कम पाई गई मात्रा
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -देशभर में खाद्य तेलों की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एफएसएसएआई ने एक बड़ा खुलासा किया है। तथा देशभर में सर्वाधिक बिकने वाले खाने के फॉर्च्यून तेल की गुणवत्ता को लेकर जहां विभाग ने अपना निर्णय दिया है।तो वहीं फॉर्चून के तेल में निर्धारित विटामिन की मात्रा से कम पाई गई है।जिस पर इस तेल का उत्पादन करने वाली कंपनी पर बड़ा जुर्माना लगाते हुए सख्त चेतावनी जारी की गई है। एफएसएसएआई द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जारी सार्वजनिक जानकारी के अनुसार मेसर्स एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड (मैंगलोर) पर निम्न गुणवत्ता वाले फोर्टिफाइड खाद्य तेल (फॉर्च्यून “फ्रायोला” रिफाइंड सूरजमुखी के बीज का तेल) के निर्माण और विपणन के लिएनियामकीय कार्रवाई की गई है। जानकारी में बताया गया है किvखाद्य सुरक्षा एवं पोषण प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ताज फोर्ट अगुआडा रिज़ॉर्ट एंड स्पा, गोवा से फॉर्च्यून “फ्रायोला” रिफाइंड सूरजमुखी तेल (1 लीटर) का एक नमूना एकत्र किया गया। प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला ने बताया कि फोर्टिफाइड खाद्य तेल, खाद्य सुरक्षा एवं पोषण (FSS) विनियम, 2018 के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था।विटामिन ए और विटामिन डी का स्तर निर्धारित सीमा से नीचे था, जिसके कारण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 3(1)(जेडएक्स) के तहत उत्पाद को निम्न गुणवत्ता का घोषित किया गया।विक्रेता की अपील पर, रेफरल प्रयोगशाला द्वारा नमूने का विश्लेषण किया गया और यह पुष्टि की गई कि विटामिन डी की मात्रा निर्धारित सीमा से काफी कम थी, जिससे यह सिद्ध हुआ कि उत्पाद निम्न गुणवत्ता का था। इसके बाद, केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने अभियोजन की मंजूरी दी और न्यायनिर्णय आवेदन दायर किया गया।गोवा के न्याय निर्णायक अधिकारी ने न्याय आदेश पारित किया और एफएसएस अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत निम्न गुणवत्ता वाले फोर्टिफाइड खाद्य तेल के निर्माण और विपणन के लिए मेसर्स एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड पर जुर्माना लगाया।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय हेल्दी एंड फैमिली वेलफेयर द्वारा यह सूचना दी गई है








