मानसून को लेकर बुरी खबर-12 राज्यों के 15 जिलों में अल नीनो के खतरे के चलते हो सकती है कम बारिश. मोदी सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जताई चिंता

मानसून को लेकर बुरी खबर-12 राज्यों के 15 जिलों में अल नीनो के खतरे के चलते हो सकती है कम बारिश. मोदी सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जताई चिंता kshititech

मानसून को लेकर बुरी खबर-12 राज्यों के 15 जिलों में अल नीनो के खतरे के चलते हो सकती है कम बारिश. मोदी सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जताई चिंता

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -देश के कई हिस्सों में लोग अभी भी मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच अल नीनो के सक्रिय होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. कम बारिश की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने खेती की तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात पर बैठक की और प्रभावित हो सकने वाले इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, अल नीनो के असर की निगरानी के लिए एक खास मॉनिटरिंग सेल और क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप को सक्रिय किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रखेंगे.बैठक में सामने आया कि अल नीनो का असर कई क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है. मंत्रालय के आकलन के अनुसार, देश के 315 जिलों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. इनमें 111 जिलों को सबसे संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है. इन इलाकों में सिंचाई की सुविधा सीमित है, जिससे खेती पर असर पड़ने की आशंका ज्यादा मानी जा रही है.मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं. कृषि मंत्रालय के अनुसार, अब तक सामान्य बारिश की तुलना में करीब 43 फीसदी कमी दर्ज की गई है. ऐसे में खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई है. समीक्षा बैठक में राज्यों को निर्देश दिया गया कि तैयार योजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए.सरकार ने कम बारिश वाले जिलों के लिए एक खास इमरजेंसी प्लान लागू करने का फैसला किया है. स्थानीय जरूरतों के हिसाब से जिला कृषि संकट योजना को नए सिरे से अपडेट किया जा रहा है, ताकि मौसम की मार से किसानों को कम से कम नुकसान हो.

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