बाराद्वार शहर के सीबीएसई एशियन वर्ल्ड स्कूल में गुरु पूर्णिमा का हुआ भव्य आयोजन. विद्यार्थियों ने भी गुरुजनों का किया सम्मान







बाराद्वार शहर के सीबीएसई एशियन वर्ल्ड स्कूल में गुरु पूर्णिमा का हुआ भव्य आयोजन. विद्यार्थियों ने भी गुरुजनों का किया सम्मान
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -एशियन वर्ल्ड स्कूल, बाराद्वार में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता निभाई।कक्षा स्तर पर बोर्ड सज्जा (Class Board Decoration) एवं गुरु पूर्णिमा विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त किया।मुख्य समारोह का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रभावशाली हिंदी भाषण से हुआ। इसके पश्चात कक्षा 4 के विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित मनमोहक नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति एवं आदर्श मूल्यों का सुंदर चित्रण किया। हिंदी शिक्षिका द्वारा प्रेरणादायक कथा के माध्यम से गुरु एवं शिष्य के पवित्र संबंधों का महत्व बताते हुए विद्यार्थियों को जीवन में अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन एवं समर्पण का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में कक्षा 8 की छात्राओं ने ‘सा-रे-गा-मा’ पर आधारित आकर्षक समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। वहीं श्री प्रवीण कुंडलिक एवं श्री विकास शुक्ला ने मधुर स्वर में कबीर अमृतवाणी का गायन कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं भावपूर्ण वातावरण प्रदान किया।विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शुभ्रा अपूर्वा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को गुरु के मार्गदर्शन के महत्व को समझाते हुए जीवन में सदैव अपने शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके आदर्शों का अनुसरण करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।विद्यालय के निदेशक श्री नीरज अग्रवाल एवं श्री अभिषेक अग्रवाल ने विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों एवं सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से विद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा को सदैव जीवंत बनाए रखने तथा अपने आचरण से समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया।पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कृति, अनुशासन एवं भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना से परिपूर्ण रहा







