संवेदनशील प्राकृतिक इलाको में गाड़ी ले जाने वाले टूरिस्टों पर दो लाख रुपए का जुर्माना. पर्यटकों पर अब रहेगी प्रशासन की तिरछी नजर


संवेदनशील प्राकृतिक इलाको में गाड़ी ले जाने वाले टूरिस्टों पर दो लाख रुपए का जुर्माना
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -लद्दाख के संवेदनशील प्राकृतिक इलाकों में गाड़ी ले जाने वाले पर्यटकों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. प्रतिबंधित और इको-सेंसिटिव जोन में अवैध रूप से गाड़ियां ले जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.अवैध ‘ऑफ-रोडिंग’ की बढ़ती समस्या, जिसमें पर्यटकों द्वारा पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील झीलों और नदियों में कार चलाना शामिल है. इसके खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए, लद्दाख प्रशासन ने उप-राज्यपाल वी.के. सक्सेना के निर्देश पर पहली बार नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है. इसके तहत भारी जुर्माना लगाया जा रहा है.26 जून को लद्दाख के वन्यजीव विभाग ने चार वाहनों पर 50,000 रुपये प्रति वाहन का जुर्माना लगाया, जो वन्यजीव संरक्षण नियमों का उल्लंघन करते पाए गए थे.बता दें, इन वाहनों के मालिक हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश से थे, इन्होंने हाल के दिनों में पैंगोंग झील और चांगथांग व नुब्रा के अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में अवैध रूप से अपनी कारें चलाई थीं.

