और समृद्ध बनना है तो करो फसल चक्र परिवर्तन-शक्ति जिले के किसानों को किया जा रहा जागरूक- दलहन तिलहन सहित अन्य फसले लेने के लिए उपसंचालक कृषि विभाग जिला शक्ति द्वारा बताई जा रही है उन्नत तकनी. कृषक चौपाल का हो रहा आयोजन. शक्ति जिले के किसान कर रहे उन्नत तकनीक का इस्तेमाल

शक्ति जिले में कृषक चौपाल का कार्यक्रम
शक्ति जिले में कृषक चौपाल का कार्यक्रम
शक्ति जिले में कृषक चौपाल का कार्यक्रम

और समृद्ध बनना है तो करो फसल चक्र परिवर्तन-शक्ति जिले के किसानों को किया जा रहा जागरूक- दलहन तिलहन सहित अन्य फसले लेने के लिए कृषि विभाग जिला शक्ति द्वारा बताई जा रही है उन्नत तकनी. कृषक चौपाल का हो रहा आयोजन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -शक्ति जिले में उपसंचालक कृषि द्वारा लगातार जिले के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों को बढावा देने हेतु कृषक चौपाल का आयोजन हुआ है। कृषक चौपाल में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने हेतु शिविर के माध्यम से किसानों को किया जा रहा जागरुक।कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन पर ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन, तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने तथा फसल विविधीकरण को बढावा देने के उद्देश्य से जिले के विकासखंड अन्तर्गत सक्ती, मालखरौदा, डभरा एवं जैजैपुर के चयनित ग्रामों में कृषक चौपाल का सतत् आयोजन किया जा रहा है।कृषक चौपाल के माध्यम से किसानों को ग्रीष्मकालीन धान की खेती के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाने, दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की खेती के लाभ तथा फसल विविधीकरण के महत्व के संबंध में जानकारी दी जा रही है। चौपालों के माध्यम से कृषकों को भू-जल स्तर में आ रही तेजी से गिरावट व ग्रीष्मकालीन पेय जल संकट को ध्यान में रखते हुए कृषकों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसल लगाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।कृषक चौपाल का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण के महत्व से अवगत कराना, कृषि में उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से किसानों को धान की परंपरागत खेती के साथ-साथ अन्य फसलों की संभावनाओं पर विचार करने तथा खेती की ऐसी पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिनसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए कृषि को लाभकारी बनाया जा सके।कृषक चौपाल में संबंधित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों को अपनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।कृषि विभाग का प्रयास है कि किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित कर ग्रीष्मकालीन धान के रकबे में कमी लाने तथा उसके स्थान पर उपयुक्त वैकल्पिक फसलों का क्षेत्र विस्तार करने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए। इससे जल संसाधनों के संरक्षण, कृषि पद्धतियों में विविधता तथा खेती को दीर्घकालीन रूप से टिकाऊ बनाने के प्रयासों को बल मिलेगा।

शक्ति जिले में कृषक चौपाल का कार्यक्रम
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