कोयला कारोबारी के 25 ठिकानों पर एक साथ ईडी की छापेमारी से मचा हड़कंप. कारोबार में राजनैतिक चेहरों के भी शामिल होने की संभावना. मंगलवार की तड़के सुबह से चालू हुई है कार्रवाई

कोयला कारोबारी के 25 ठिकानों पर एक साथ ईडी की छापेमारी से मचा हड़कंप. कारोबार में राजनैतिक चेहरों के भी शामिल होने की संभावना. मंगलवार की तड़के सुबह से चालू हुई है कार्रवाई kshititech

कोयला कारोबारी के 25 ठिकानों पर एक साथ ईडी की छापेमारी से मचा हड़कंप. कारोबार में राजनैतिक चेहरों के भी शामिल होने की संभावना

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के धनबाद जिले में मंगलवार सुबह कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में करीब 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई कोयला कारोबारी अनिल गोयल, एलबी सिंह और हरेंद्र चौहान से जुड़े ईसीआईआर (एन्फोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) के सिलसिले में की जा रही है। ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ सुबह करीब सात बजे विभिन्न स्थानों पर पहुंची। इसके बाद संबंधित परिसरों को सुरक्षा घेरे में लेकर तलाशी शुरू की गई। जिन लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है, उनमें गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, हरेंद्र चौहान, माधो सिंह, महेंद्र प्रताप, इम्तियाज अली, रजनीकांत शर्मा, शेखर यादव और आलोक सहित अन्य लोग शामिल हैं। तलाशी के दौरान ईडी की टीम वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी कागजात, मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी या जब्ती की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के टेंडर, कथित अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच का हिस्सा है। इससे पहले नवंबर 2025 में भी ईडी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। उस समय धनबाद में एलबी सिंह, अनिल गोयल और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों की भी तलाशी ली गई थी।माना जा रहा है कि मंगलवार की कार्रवाई उसी जांच की अगली कड़ी है। हाल में मिले नए साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी के आधार पर ईडी ने फिर से तलाशी अभियान चलाया है। छापेमारी के बाद धनबाद के कोयला कारोबार और आउटसोर्सिंग क्षेत्र से जड़े व्यवसायियों में हलचल है। कोयले की इस अवैध कारोबार में राजनैतिक दलो स जुड़ कुछ चहर भी शामिल है

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