बड़ी खबर- अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चंदा चोरी मामले में आठ लोगों पर दर्ज हुई पुलिस थाने में एफ आई आर. 7 जून से 25 जून तक क्या हुआ पूरे मामले का घटनाक्रम. जानिए विस्तार से. राम जन्मभूमि कोतवाली में दर्ज हुआ मामला


बड़ी खबर- अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चंदा चोरी मामले में आठ लोगों पर दर्ज हुई पुलिस थाने में एफ आई आर
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर गुरुवार को अयोध्या की रामजन्मभूमि कोतवाली में FIR दर्ज की गई। इस प्रकरण में यह पहली बड़ी कार्रवाई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार दर्ज एफआईआर में 8 लोगों के नाम शामिल हैं, जिनपर BNS की धारा 306, 316, 317 और 61 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव का नाम शामिल है। चढ़ावा चोरी मामले में 7 जून को समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से पांच करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने उसी दिनशाम सात बजे एक्स पर पोस्ट कर चढ़ावे में चोरी प्रकरण पर टिप्पणी की थी। सात जून की शाम को ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने स्पष्टीकरण जारी किया था। 8 जून को चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र इसी दिन देर शाम अयोध्या आए और अगले दिन वापस चले गए।9 जून को भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई या ईडी जैसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग की।10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की। इसी दिन मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र तत्काल अयोध्या पहुंचे और चार घंटे लंबी बैठक की।11 जून को राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखापाल महिपाल सिंह का एक वीडियो प्रसारित हुआ जिसमें दावा किया कि वे 2021-2022 में उन्होंने चोरी पकड़ी थी, जिसके फुटेज डिलीट कर दिए गए।13 जून को ट्रस्ट के आग्रह पर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई।
15 जून को एसआईटी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और आमंत्रित सदस्य गोपाल राय से जानकारी ली। आठ से 10 कर्मचारियों से करीब छह घंटे पूछताछ की।
16 जून को टीम ने चंपतराय और गोपाल राय से चार-चार घंटे तक सवाल-जवाब किए। ट्रस्ट के 11 महीने के दस्तावेज खंगाले। चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की।17 जून को जांच टीम ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती से जुड़ी निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय रिकार्ड की भी पड़ताल की गई।18 जून को टीम 10 घंटे मंदिर परिसर में रही। डॉ. अनिल मिश्रा से चार घंटे तक पूछताछ की। टिटू यादव से डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। अनिल-टिटू के जवाब क्रास चेक किए।19 जून को चंपतराय, डॉ. अनिल मिश्रा और राम मंदिर के निर्माण प्रभारी गोपाल राय से अलग-अलग पूछताछ हुई। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक और कैशियर से पूछताछ की।20 जून को टीम ने सभी आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों की जानकारी इकट्ठा की। सबूत जुटाए। जांच के बाद सारे सबूत अपने साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गई।23 जून को एसआईटी ने मंगलवार को 20 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को सौंप दी।25 जून को अनुकल्प मिश्र समेत 8 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर हुई है

