डीजल के निर्यात पर लगाई गई 14 रुपए लीटर की ड्यूटी. सरकार का बड़ा निर्णय. सरकार का तर्क- पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी था यह कदम


डीजल के निर्यात पर लगाई गई 14 रुपए लीटर की ड्यूटी. सरकार का बड़ा निर्णय. सरकार का तर्क- पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी था यह कदम
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -अमेरिका और ईरान भले ही शांति समझौते पर पहुंच गए हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का ऐलान भी चुके हैं. लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने और पेट्रोल गैस की किल्लत खत्म होने में अभी समय लगने का अनुमान है. यही वजह है कि केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है. सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाया गया है.वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर अब 14 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर 12.5 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगेगी. हालांकि पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है. घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) भी जस का तस रहेगा. सरकार की तरफ से तय की गई ये नई दरें आज से लागू हो जाएंगी.



