कल से खुल जाएंगे सरकारी स्कूलों के दरवाजे. मुख्यमंत्री साय ने दी बच्चों को नए सत्र की बधाई देते हुए कहा खूब मेहनत करो और प्रदेश में करो नाम रोशन. प्रत्येक स्कूलों में मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सव। जिला पंचायत में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का हुआ समापन. कलेक्टर तोपनो साहब के निर्देशन में जिले में नए शैक्षणिक सत्र के संचालन की तैयारियां पूर्ण

कल से खुल जाएंगे सरकारी स्कूलों के दरवाजे. मुख्यमंत्री साय ने दी बच्चों को नए सत्र की बधाई देते हुए कहा खूब मेहनत करो और प्रदेश में करो नाम रोशन. प्रत्येक स्कूलों में मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सव। जिला पंचायत में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का हुआ समापन. कलेक्टर तोपनो साहब के निर्देशन में जिले में नए शैक्षणिक सत्र के संचालन की तैयारियां पूर्ण kshititech
मुख्यमंत्री जी ने दी नए शैक्षणिक सत्र की बच्चों को बधाई
कल से खुल जाएंगे सरकारी स्कूलों के दरवाजे. मुख्यमंत्री साय ने दी बच्चों को नए सत्र की बधाई देते हुए कहा खूब मेहनत करो और प्रदेश में करो नाम रोशन. प्रत्येक स्कूलों में मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सव। जिला पंचायत में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का हुआ समापन. कलेक्टर तोपनो साहब के निर्देशन में जिले में नए शैक्षणिक सत्र के संचालन की तैयारियां पूर्ण kshititech
जिला पंचायत में हुआ तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन
कल से खुल जाएंगे सरकारी स्कूलों के दरवाजे. मुख्यमंत्री साय ने दी बच्चों को नए सत्र की बधाई देते हुए कहा खूब मेहनत करो और प्रदेश में करो नाम रोशन. प्रत्येक स्कूलों में मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सव। जिला पंचायत में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का हुआ समापन. कलेक्टर तोपनो साहब के निर्देशन में जिले में नए शैक्षणिक सत्र के संचालन की तैयारियां पूर्ण kshititech
जिला पंचायत में हुआ तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन

अग्नि सुरक्षा हेतु आवासीय एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए गृह मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी.गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए नागरिकों और संस्थानों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति ग्रीष्म ऋतु में तापमान बढ़ने के साथ-साथ आगजनी की घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय, महानिदेशालय अग्निशमन सेवा, नई दिल्ली एवं नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय, सेक्टर-19 अटल नगर, नवा रायपुर द्वारा नागरिकों, आवासीय एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए अग्नि सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। अग्निशमन सेवा विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के संबंध में जिला अग्निशमन अधिकारी जांजगीर-चांपा सुश्री योग्यता साहू ने बताया कि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर, रेफ्रिजरेटर आदि विद्युत उपकरणों के लगातार उपयोग से शॉर्ट सर्किट और ओवरलोडिंग का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। रिहायशी इमारतों के लिए जारी सलाह के अनुसार बिजली वायरिंग की समय-समय पर जांच करानी चाहिए तथा केवल आईएसआई मार्क वाले उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। एलपीजी सिलेंडर को सीधा रखें और किसी भी प्रकार के रिसाव की जांच साबुन के घोल से करें। उपयोग में नहीं होने पर विद्युत उपकरणों को बंद रखें तथा बालकनी और सीढ़ियों को अवरोधमुक्त रखें। आपात स्थिति के लिए पानी या रेत की बाल्टी उपलब्ध रखें और परिवार के सभी सदस्यों को आपातकालीन डायल 112 की जानकारी दें। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि एक ही सॉकेट पर कई उपकरणों का उपयोग न करें, ढीली तारों का प्रयोग न करें, घर में ज्वलनशील पदार्थों का अनावश्यक भंडारण न करें तथा रातभर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्जिंग पर न छोड़ें। साथ ही घरों में कचरा जलाने से भी बचने की सलाह दी गई है। व्यावसायिक एवं कमर्शियल प्रतिष्ठानों के लिए फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर तथा फायर अलार्म सिस्टम स्थापित करने, नियमित फायर ऑडिट कराने और कर्मचारियों को आग बुझाने का प्रशिक्षण देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा इमरजेंसी एग्जिट को हमेशा साफ और चिन्हित रखने, वर्ष में कम से कम दो बार मॉक ड्रिल आयोजित करने तथा बिजली पैनल और सर्वर रूम में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए नागरिकों और संस्थानों से सावधानियों के पालन की अपील

विशेष ग्रीष्मकालीन सलाह में बताया गया है कि कूलिंग सिस्टम के बढ़ते उपयोग से विद्युत भार बढ़ जाता है, इसलिए वायरिंग और लोड वितरण व्यवस्था को सही रखना आवश्यक है। ट्रांसफार्मर का नियमित रखरखाव कराया जाए तथा अस्थायी विद्युत कनेक्शनों से बचा जाए। इन्वर्टर और बैटरी की ओवरहीटिंग की नियमित जांच भी की जानी चाहिए। जिला अग्निशमन अधिकारी ने नागरिकों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों और सावधानियों का पालन करें। इससे आगजनी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल-112 पर सूचना देने की सलाह दी गई है।

तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का हुआ समापन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सराहा।प्रदर्शनी स्थल पर महिलाओं ने उत्साहपूर्वक ली सेल्फी, प्रदर्शनी स्थल बना आकर्षण का केंद्र

शक्ति -केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनों के निर्देशन में सक्ती जिले में छत्तीसगढ़ शासन जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का रविवार को समापन हुआ। प्रदर्शनी में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन की पहल को छायाचित्रों एवं डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक ने सराहा। जिला पंचायत परिसर में 12 जून से 14 जून तक आयोजित प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी ली। प्रदर्शनी स्थल आकर्षण का केंद्र बना और प्रदर्शनी स्थल पर पहुची कई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सेल्फी भी ली। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपती कीर्तन चंद्रा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विद्या सिदार, श्री टीकेश्वर गबेल आदि जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रदर्शनी में पिछले 12 वर्षों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए बदलावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस पहल ने विकास यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही शासन की योजनाओं के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया है

पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन उपार्जन, किसानों को डीबीटी के माध्यम से किया गया भुगतान।सक्ती जिले की छह समितियों में 59 किसानों से सरसों एवं चना की खरीदी, किसानों को मिला लाभ

शक्ति -प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) योजना के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन हेतु सक्ती जिले में केंद्रीय एजेंसी नेफेड के माध्यम से छह समितियों को अधिसूचित किया गया था। इनमें रगजा, मालखरौदा, बेल्हाडीह, पिहरीद, जैजैपुर एवं कोटमी समितियां शामिल हैं। इन समितियों के आसपास के किसानों से निर्धारित अवधि तक समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन फसलों का उपार्जन किया गया। योजनांतर्गत किसानों से सरसों एवं चना की खरीदी की गई। अंतिम खरीदी तिथि तक जिले के छह उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 59 किसानों से कुल 316 क्विंटल सरसों तथा 5 क्विंटल चना का उपार्जन किया गया। सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल तथा चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था। इसके अनुसार 19 लाख 59 हजार 200 रुपये की सरसों तथा 29 हजार 375 रुपये की चना उपार्जन राशि किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से भुगतान की गई। कोटमी समिति में 14 किसानों से 203.50 क्विंटल सरसों का उपार्जन किया गया, जिसके लिए 12 लाख 61 हजार 700 रुपये का भुगतान संबंधित किसानों के खातों में किया गया। इनमें ग्राम नवापारा के किसान श्री गणपतलाल पटेल द्वारा 30 क्विंटल सरसों की बिक्री की गई, जिसके एवज में उनके खाते में 1 लाख 86 हजार रुपये की राशि का भुगतान किया गया। विकासखंड सक्ती के रगजा उपार्जन केंद्र में 19 किसानों से 51.50 क्विंटल सरसों की खरीदी की गई, जिसके लिए 3 लाख 19 हजार 300 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार विकासखंड मालखरौदा में 11 किसानों से 43 क्विंटल सरसों का उपार्जन किया गया, जिसके लिए 2 लाख 66 हजार 600 रुपये का भुगतान किसानों को किया गया है। विकासखंड जैजैपुर में 14 किसानों से 18 क्विंटल सरसों एवं 4 क्विंटल चना का उपार्जन किया गया। इसके एवज में किसानों को क्रमशः 1 लाख 11 हजार 600 रुपये तथा 23 हजार 500 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिले में पहली बार रबी मौसम में समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन फसलों का उपार्जन किया गया, जिसमें किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी उपज सहकारी समितियों में विक्रय की। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए खुले बाजार पर निर्भर नहीं रहना पड़ा। योजना के सफल क्रियान्वयन से आगामी वर्षों में जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबे में वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की जा रही है

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान : शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार।नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

शक्ति -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने आगे आएं जनप्रतिनिधि – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय।प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र।16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेश उत्सव अभियान।कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे‘ अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता का किया आह्वान

शक्ति -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले शाला प्रवेश उत्सव में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त आधार है तथा यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में प्रदेश के समस्त विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े सभी लोगों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र के साथ प्रदेशभर में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश तथा नियमित अध्ययन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में सुविधानुसार उपस्थित होकर अभियान में सहभागी बनें तथा ऐसे बच्चों की पहचान और नामांकन के लिए प्रेरित करें, जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं अथवा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है तथा वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं के लिए सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।

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