संस्कार पब्लिक स्कूल में ‘नवाचारी शिक्षण और ए.आई.’ पर कार्यशाला: शिक्षकों ने सीखे आधुनिक शिक्षा के गुर

संस्कार पब्लिक स्कूल में 'नवाचारी शिक्षण और ए.आई.' पर कार्यशाला: शिक्षकों ने सीखे आधुनिक शिक्षा के गुर kshititech

संस्कार पब्लिक स्कूल में ‘नवाचारी शिक्षण और ए.आई.’ पर कार्यशाला: शिक्षकों ने सीखे आधुनिक शिक्षा के गुर

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

​सक्ति-शिक्षा के बदलते परिवेश और तकनीक के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, संस्कार पब्लिक स्कूल, सक्ति में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास हेतु एक दिवसीय सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में आयोजित इस सत्र में शिक्षकों को न केवल आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराया गया।

प्रमुख अतिथि और रिसोर्स पर्सन

कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए मंच पर विद्यालय के प्राचार्य श्री वी. के. मिश्रा, प्रधानाचार्या रूपल उपाध्याय, मुख्य वक्ता श्री ललित कुमार वर्मा (टी.जी.टी., अंबुजा विद्या पीठ) और श्री पुष्पेंद्र पुरी गोस्वामी (पी.जी.टी., नुवोको पब्लिक स्कूल) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षिका मेघादीप द्वारा किया गया।

सत्र की मुख्य विशेषताएं

​प्रथम सत्र (AI इन क्लासरूम): श्री पुष्पेंद्र पुरी गोस्वामी ने कक्षा में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) के प्रभावी प्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे तकनीक के माध्यम से शिक्षण को और अधिक व्यक्तिगत और इंटरैक्टिव बनाया जा सकता है।
​द्वितीय सत्र (डिजिटल टूल्स और चैट जीपीटी): भोजन अवकाश के पश्चात, श्री ललित वर्मा ने चैट जीपीटी (ChatGPT), उसके विभिन्न टूल्स और क्यू.आर. कोड (QR Code) बनाने की बारीकियों को विस्तार से समझाया।

ज्ञान का साझा मंच

इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें चंद्रहासिनी विद्यापीठ के शिक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों विद्यालयों के शिक्षकों ने समूह गतिविधियों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से आधुनिक मूल्यांकन तकनीकों और कक्षा प्रबंधन को समझा।

​”शिक्षक समाज निर्माण की आधारशिला हैं। बदलते समय के साथ शिक्षकों का ‘सतत् अधिगम’ (Continuous Learning) अनिवार्य है ताकि हम अपने विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें।”
— श्री वी. के. मिश्रा, प्राचार्य

उत्साहजनक परिणाम

प्रशिक्षण के अंत में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस तरह के सत्र उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा ताकि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

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