ब्रेकिंग न्यूज़-अश्वगंधा का सेवन करने वाले सावधान, हो सकती है पेट की बीमारी; सरकार ने पत्तियों के इस्तेमाल पर लगाई रोक



ब्रेकिंग न्यूज़-अश्वगंधा का सेवन करने वाले सावधान, हो सकती है पेट की बीमारी; सरकार ने पत्तियों के इस्तेमाल पर लगाई रोक
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -अगर आप भी आयुर्वेद दवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो आपने अश्वगंधा का सेवन जरूर किया होगा. ‘जड़ी-बूटियों का राजा’ माना जाने वाला अश्वगंधा इन दिनों चर्चा में है. भारत के खाद्य नियामक (FSSAI) और आयुष मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए हेल्थ सप्लीमेंट और दवाओं में अश्वगंधा की पत्तियों (Leaves) के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है. अब कंपनियां अपने प्रोडक्ट में केवल अश्वगंधा की जड़ों का ही इस्तेमाल कर पाएंगी. रिसर्च में बताया गया कि इसके सेवन से लिवर और नसों से जुड़ी प्रॉब्लम हो सकती है. सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम उन लोगों के लिए काफी अहम है, जो तनाव और थकान को दूर करने के लिए अश्वगंधा के सप्लीमेंट का सेवन करते हैं. हजारों साल पुराने आयुर्वेदिक ग्रंथ से लेकर आधुनिक विज्ञान तक अश्वगंधा के जड़ वाले हिस्से को ही सुरक्षित माना गया है. आयुष मंत्रालय के अनुसार आयुर्वेद में कभी भी अश्वगंधा की पत्तियों को खाने की सलाह नहीं दी गई है. पत्तियों का इस्तेमाल त्वचा पर लगाने (एक्सटरल यूज) के लिए किया जाता है. सरकार का साफ कहना है कि अश्वगंधा की पत्तियों के सेवन से होने वाले फायदे और उनकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. इसकी जड़ पर सदियों से लोगों का भरोसा रहा है और इस पर शोध भी मौजूद है.
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.अश्वगंधा की पत्तियों पर बैन लगाने का बड़ा कारण इसकी सेफ्टी से जुड़ा है. रिसर्च में पाया गया कि पत्तियों में ‘विथफेरिन-ए’ जैसे कुछ तत्व ज्यादा मात्रा में होते हैं, जो शरीर के लिए जहरीले (Toxic) साबित हो सकते हैं. इनका सेवन करने से लीवर पर बुरा असर पड़ता है. इससे पेट की बीमारियां होने और नसों से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बना रहता है. पत्तियों के सेवन से थायराइड का लेवल भी बिगड़ सकता है. इस तरह की चिंता को ध्यान में रखकर यूरोपीय कंट्री पोलैंड और हंगरी ने भी पत्तियों के सेवन पर रोक लगा रखी है. मार्केट में अश्वगंधा के सप्लीमेंट की मांग तेजी से बढ़ी है. ऐसे में कई कंपनियां प्रॉफिट कमाने के चक्कर में जड़ों के साथ पत्तियों को भी पीसकर मिला रही हैं. इसका मतलब यह हुआ कि अश्वगंधा के ये सप्लीमेंट फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा रहे हैं. अश्वगंधा की पत्तियां जड़ों के मुकाबले 100 गुना सस्ती होती हैं. ऐसे में कंपनियों की कॉस्टिंग काफी कम हो जाती है. सरकार की तरफ से सख्त आदेश दिया गया है कि निर्माताओं को पैकेट पर यह साफ-साफ लिखना होगा कि उन्होंने पौधे के किस हिस्से का इस्तेमाल किया है. नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी



