कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को संगठन एवं चुनाव में भी टिकट देकर आगे बढ़ाने का किया है कार्य .भाजपा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन बिल कराना जा रही थी पास. 20 अप्रैल को कांग्रेस कमेटी ने आयोजित की प्रेसवार्ता. रश्मि ने कहा- तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.राजीव जी ने निकायों एवं पंचायतो में सबसे पहले महिलाओं को आरक्षण देने की करी पहल

कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को संगठन एवं चुनाव में भी टिकट देकर आगे बढ़ाने का किया है कार्य .भाजपा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन बिल कराना जा रही थी पास. 20 अप्रैल को कांग्रेस कमेटी ने आयोजित की प्रेसवार्ता. रश्मि ने कहा- तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.राजीव जी ने निकायों एवं पंचायतो में सबसे पहले महिलाओं को आरक्षण देने की करी पहल kshititech
20 अप्रैल को शक्ति के रेस्ट हाउस में जिला कांग्रेस कमेटी शक्ति द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता

कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा- कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को संगठन एवं चुनाव में भी टिकट देकर आगे बढ़ाने का किया है कार्य .भाजपा महिला आरक्षण नहीं बल्कि परिसीमन बिल कराना जा रही थी पास. 20 अप्रैल को कांग्रेस कमेटी ने आयोजित की प्रेसवार्ता. रश्मि ने कहा- तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.राजीव जी ने निकायों एवं पंचायतो में सबसे पहले महिलाओं को आरक्षण देने की करी पहल

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -17 अप्रैल को देश की संसद में भाजपा की एनडीए सरकार द्वारा ले लाए गए नारी वंदन अधिनियम को बहुमत के आभाव में गिर जाने के बाद जहां भाजपा विपक्षी राजनीतिक पार्टियों पर अनर्गल आरोप लगाकर अपना बचाव कर रही है।तो वहीं देश की जनता भाजपा की मंशा को समझ चुकी है। एवं भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के बिल को पास करवाना चाहती थी। महिला आरक्षण तो 2023 में ही लागू हो चुका था जिसे भाजपा ने रोक कर रखा हुआ था। उपरोक्त बातें 20 अप्रैल को स्थानीय रेस्ट हाउस सकती में जिला कांग्रेस कमेटी शक्ति द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी शक्ति की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल ने कहीं।इस दौरान प्रमुख रूप से सुश्री अलका जायसवाल। श्रीमती विजाया यशवंत जायसवाल घनश्याम देवांगन। रथराम पटेल। पुरुषोत्तम साहू। पवन साहू। संतोष सोनी लाला।चंद्र कुमार सोनी। नारायण प्रसाद गबेल.शफीक अहमद सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे तो वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष रश्मि ग़बेल ने कहा कि भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, इसलिए संसद में बिल पास नहीं हो सका।जबकि भारतीय जनता पार्टी झूठ बोल रही है, महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) 128वां संविधान संशोधन 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है तथा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर चुकी है तथा यह कानून भी बन चुकी है।भाजपा ने 16 अप्रैल 2026 को जो विधेयक संसद में प्रस्तुत किया 131 वां संविधान संशोधन अधिनियम इसमें महिला आरक्षण के संदर्भ में नहीं भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को पास करवाना चाहती थी।

जी एल न्यूज वेबसाइट की विशेष खबर-जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा कि सरकार ने 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया तथा संसद में जो विधेयक गिरा उसमें इस विधेयक में लोकसभा परिसीमन की सीटें 850 करने का प्रस्ताव था राज्यों में 815 सीटें तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें।परिसीमन विधेयक जिसमें परिसीमन के लिये 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गयी थी।विधेयक में पांडुचेरी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन की बात की गयी थी ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जा सके। यह विधेयक इसलिए गिरा कि भाजपा सरकार के परिसीमन बिल पर देश के अन्य राज्यों को आपत्ति थी, भाजपा आरक्षण सामने रखकर परिसीमन बिल पास करना चाहती है।भाजपा 2011 की जनगणना को आधार मान कर परिसीमन करना चाहती है।जब 2026-27 की जनगणना शुरू है तथा सरकार जाति जनगणना की भी बात कर चुकी है तो जनगणना के बाद आये नये आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों नहीं कराया जा रहा?महिला आरक्षण बिल को यदि तुरंत लागू करना है तो परिसीमन का इंतजार किये बिना वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत का आरक्षण क्यों नहीं देना चाहती सरकार? कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल इसके लिए तैयार है।सरकार 2023 के महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी उसने ऐसा क्यों नहीं किया?जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 जो कानून बन चुका है 2036 से मूर्त रूप लेगा संशोधन से तुरंत लागू हो जाता।भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नहीं अपने मनमुताबिक सीटों के परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एक जुटता से पूरा नहीं हो चुका

जी एल न्यूज वेबसाइट की विशेष खबर-कांग्रेस शक्ति जिला की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल.कांग्रेस नेत्री सुश्री अलका जायसवाल तथा कांग्रेस शक्ति जिले के प्रवक्ता पुरुषोत्तम साहू ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक है।पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिल रहा तो यह भी कांग्रेस की नीतियों से संभव हो पाया। सबसे पहले राजीव गांधी ने 1989 के मई महीने में पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था लेकिन सितंबर 1989 में राज्यसभा में पास नहीं हो सका। अप्रैल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक को फिर से पेश किया। दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए। महिलाओं के लिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह संविधान संशोधन विधेयक लाए। विधेयक 9 मार्च 2010 को राज्यसभा में पारित हुआ। कांग्रेस की सरकारों के प्रयास से ही आज देशभर में पंचायतों और नगर पालिकाओं में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं।सीटों के परिसीमन का भाजपा का षड़यंत्र विफल हो गया है, अतः वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैला रही है। इस दौरान उपस्थित जिला कांग्रेस कमेटी शक्ति के पदाधिकारियो ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा फैलाई जा रहे इस भ्रम को लेकर और अधिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तो वहीं भारतीय जनता पार्टी की गलत मनसा को कांग्रेस कभी कामयाब नहीं होने देगी एवं कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सर्व वर्ग के कल्याण के लिए सकारात्मक सोच के साथ काम किया है। एवं आगे भी इसी तरह से काम करती रहेगी

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