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निशु पांडे की 77 स्वरचित कविताओं का शब्द संग्राम का विमोचन मातृ शक्ति के कर कमलो से हुआ संपन्न,निशु ने कहा-काव्य लिखने के लिए सिर्फ ज्ञान की आवश्यकता नहीं अपितु घर में वातावरण की भी होती है जरूरत

निशु पांडे की 77 स्वरचित कविताओं का शब्द संग्राम का विमोचन मातृ शक्ति के कर कमलो से हुआ संपन्न,निशु ने कहा-काव्य लिखने के लिए सिर्फ ज्ञान की आवश्यकता नहीं अपितु घर में वातावरण की भी होती है जरूरत kshititech
शब्द संग्राम का विमोचन समारोह
निशु पांडे की 77 स्वरचित कविताओं का शब्द संग्राम का विमोचन मातृ शक्ति के कर कमलो से हुआ संपन्न,निशु ने कहा-काव्य लिखने के लिए सिर्फ ज्ञान की आवश्यकता नहीं अपितु घर में वातावरण की भी होती है जरूरत kshititech
शब्द संग्राम का विमोचन समारोह
निशु पांडे की 77 स्वरचित कविताओं का शब्द संग्राम का विमोचन मातृ शक्ति के कर कमलो से हुआ संपन्न,निशु ने कहा-काव्य लिखने के लिए सिर्फ ज्ञान की आवश्यकता नहीं अपितु घर में वातावरण की भी होती है जरूरत kshititech
शब्द संग्राम का विमोचन समारोह

निशु पांडे की 77 स्वरचित कविताओं का शब्द संग्राम का विमोचन मातृ शक्ति के कर कमलो से हुआ संपन्न

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-छत्तीसगढ़ की कला एवं पर्यावरण के प्रति समर्पित संस्था आर्टकॉम के संचालक निशु पाण्डेय की 77 स्वरचित कविताओं का काव्य संग्रह “शब्द संग्राम” का विमोचन आज संपन्न हुआ l अधिक जानकारी देते हुये निशु पाण्डेय ने बताया की मेरा यह पहला काव्य संग्रह है और यह लिखने हेतु सिर्फ ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती घर में वातावरण की भी आवश्यकता होती है और यह वातावरण मुझे मेरी माता नंदा पाण्डेय और अर्धांगिनी प्रीति पाण्डेय के कारण प्राप्त हुआ इसका क्षेय मै अपने साथियों कों भी देता हूँ ,जो हर कदम पर मेरा साथ देते है और यही कारण रहा की विमोचन मेरी माता और अर्धांगिनी के करकमलो सेमेरे साथियो के उपस्थिति में संपन्न हुआ lनिशु पाण्डेय ने बताया की मेरी काव्य संग्रह “शब्द संग्राम” में आपको एक राष्ट्रवादीके दृष्टिकोण से देश में आज़ादी से पहले से अब तक की 77 बड़ी घटित घटनाओं को बारीकी से समझने का अवसर प्राप्त होगा l इस संग्रह में देश में मुग़ल आक्रांताओं अंग्रेजो, जयचंदो न, आज़ादी के लिये अपना सर्वश्व न्योछावर करने वाले वीरों,विभाजन कारी ताकतों,देश की क़ानूनी व्यवस्था, आज की महिलाओं और पुरुषों के सकारात्मक और नकारात्मक व्यवहार पर तंज कसा है,राष्ट्र प्रथम की भावना से रचित यह काव्य संग्रह एक सकारात्मक बदलाव का कारण आवश्य बनेगी l विमोचन के इस शुभ अवसर पर आर्टकॉम संस्था के करमजीत सिंह , बृजमोहन उपाध्याय ,शारदा गुप्ता , विनोद उपाध्याय , सुदेश मिश्रा ,नीलकमल सोनी शैलेन्द्र सिंह ,शिवाजी ,मनीष सिन्हा ,मनीष मथानी ,भास्कर तिवारी ,साक्षी तिवारी,श्री राम,अर्णव पाण्डेय,पृथ्वीष पाण्डेय एवं अन्य सदस्य गण उपस्थित थे

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