सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर वकील द्वारा जूता फेंकने का मामला- चीफ जस्टिस के साथी उज्ज्वल भुइयां ने कहा- यह मामला मजाक की बात नहीं बल्कि संस्था का अपमान, घटना पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू ने कहा- अदालत में न्यायाधीशों को कम बात करनी चाहिए, प्रवचन नहीं देना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर वकील द्वारा जूता फेंकने का मामला- चीफ जस्टिस के साथी उज्ज्वल भुइयां ने कहा- यह मामला मजाक की बात नहीं बल्कि संस्था का अपमान, घटना पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू ने कहा- अदालत में न्यायाधीशों को कम बात करनी चाहिए, प्रवचन नहीं देना चाहिए kshititech

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर वकील द्वारा जूता फेंकने का मामला- चीफ जस्टिस के साथी उज्ज्वल भुइयां ने कहा- यह मामला संस्था का अपमान

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति- सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस CJI बीआर गवई पर हुए जूते से हमले की घटना की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए, उनके साथी जज उज्जवल भुइयां ने कहा कि यह मजाक की बात नहीं है, बल्कि संस्था का अपमान है। भारतीय मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर सोमवार 6 अक्टूबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के अंदर एक वकील ने जूता फेंकने की कोशिश की थी.यह घटना तब हुई जब जस्टिस गवई कोर्टरूम नंबर 1 में एक मामले की सुनवाई कर रहे थे,वकील राकेश किशोर ने ‘सनातन धर्म’ के अपमान से संबंधित नारे लगाते हुए जस्टिस गवई की ओर जूता उछालने का प्रयास किया,सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर वकील को हिरासत में ले लिया,इस घटना से जस्टिस गवई अप्रभावित रहे और उन्होंने सुनवाई जारी रखी, यह कहते हुए कि ऐसी चीजें उन्हें विचलित नहीं करतीं

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने वकील राकेश किशोर को वकील के रूप में निलंबित कर दिया है.बीसीआई ने इसे न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ आचरण माना, जस्टिस गवई के अनुरोध पर, आरोपी वकील को रिहा कर दिया गया और उस पर कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई. ‘सनातन का अपमान, नहीं सहेंगे’ का नारा लगाकर चीफ जस्टिस गवई पर जूता फेंकने की कोशिश हुई थी,वकील राकेश किशोर के पास से एक एंट्री कार्ड भी मिला है, जो वकीलों और क्लर्कों को जारी किया जाता है। घटना की जानकारी मिलते ही नई दिल्ली जिला के डीसीपी और सुप्रीम कोर्ट के डीसीपी पहुंच गए। राकेश किशोर नाम के वकील को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है, कि आखिर उसने ऐसी घटना को अंजाम क्यों दिया है

वकील राकेश किशोर ने कहा था, ‘बात यह है कि मैं बहुत ज्यादा आहत हुआ कि 16 सितंबर को चीफ जस्टिस की कोर्ट में किसी व्यक्ति ने जनहित याचिका डाली थी। तो गवई साहब ने पहले तो उसका पूरी तरह से मजाक उड़ाया था

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई को ही जूता फेंके जाने वाली घटना का जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा है कि न्यायाधीशों को अदालत में कम बात करनी चाहिए प्रवचन नहीं देने चाहिए। 72 साल के वकील राकेश किशोर ने अदालत में ही सीजेआई गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। किशोर का दावा था कि वह सीजेआई की तरफ से की गई टिप्पणियों से आहत थे

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