ब्रेकिंग न्यूज़-जैजैपुर के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनाव याचिका की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार।हाईकोर्ट में जारी रहेगा ट्रायल, सुप्रीम कोर्ट ने दलीलें खुली रखते हुए याचिका का किया निस्तारण



ब्रेकिंग न्यूज़-जैजैपुर के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनाव याचिका की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार।हाईकोर्ट में जारी रहेगा ट्रायल, सुप्रीम कोर्ट ने दलीलें खुली रखते हुए याचिका का किया निस्तारण
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति सकती जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर) में उनके निर्वाचन के विरुद्ध विचाराधीन चुनाव याचिका की कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक (स्टे) लगाने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की कानूनी दलीलों को खुला रखते हुए विधायक की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को निस्तारित कर दिया, जिससे अब हाईकोर्ट में मामले की नियमित सुनवाई व ट्रायल जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है।
आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने का आरोप
गौरतलब है कि जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता दिगंबर साहू एवं सरोज चंद्रा ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका (EP No. 05/2024 एवं EP No. 04/2024) दायर कर बालेश्वर साहू के निर्वाचन को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विधायक बालेश्वर साहू ने सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने आपराधिक प्रकरणों का सोशल मीडिया पर विधिवत प्रकाशन नहीं कराया। इसे चुनावी नियमों व ‘करप्ट प्रैक्टिस’ का उल्लंघन बताते हुए उनका चुनाव शून्य घोषित करने की मांग की गई है।
हाई कोर्ट ने बार-बार समय मांगने पर दी थी चेतावनी
हाई कोर्ट में गवाही और ट्रायल की प्रक्रिया के दौरान विधायक पक्ष की ओर से समय लिए जाने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। 22 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीश नरेश कुमार चंद्रवंशी ने आदेश पत्रक का अवलोकन करते हुए टिप्पणी की थी कि प्रतिवादी पक्ष द्वारा किसी न किसी आधार पर बार-बार समय मांगा जा रहा है। अदालत ने उन्हें सख्त हिदायत देते हुए सतर्क रहने का निर्देश दिया था और कहा था कि ऐसा न होने पर अवसर समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर तय की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में नहीं मिली राहत
विधायक बालेश्वर साहू ने चुनाव याचिका की वैधता और अतिरिक्त दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने के आदेशों के विरुद्ध हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने 30 जुलाई 2026 को खारिज कर दिया था। इसी आदेश को आधार बनाकर विधायक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और पूरी कार्यवाही पर स्टे देने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने ट्रायल पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की मूल सुनवाई और साक्ष्यों का परीक्षण हाई कोर्ट के समक्ष ही किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत न मिलने के बाद अब विधायक बालेश्वर साहू को हाईकोर्ट में ही गवाही और ट्रायल का सामना करना होगा।






