खरसिया में होगी राधे-राधे की गूंज-खरसिया की पावन धरा पर पितृमोक्षार्थ गया श्राद्धांतर्गत श्रीमद भागवत कथा का भव्य आयोजन 13 से 19 सितंबर तक. गर्ग परिवार (बहू झोलरी वाले) खरसिया ने किया है आयोजन. प्रसिद्ध भागवत रत्न मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी श्रीधाम वृंदावन कराएंगे कथा का रसपान




खरसिया की पावन धरा पर पितृमोक्षार्थ गया श्राद्धांतर्गत श्रीमद भागवत कथा का भव्य आयोजन 13 से 19 सितंबर तक. गर्ग परिवार बहू झोलरी वाले खरसिया ने किया है आयोजन प्रसिद्ध भागवत कथा वाचक मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी कराएंगे कथा का रसपान
शक्ति छत्तीसगढ़ के कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति- खरसिया के प्रतिष्ठित गर्ग परिवार बहू झोलरी वाले के द्वारा आगामी 13 सितंबर से 20 सितंबर तक खरसिया के अजीत सिंह नगर कन्या भवन के पास पितृ मोक्षार्थ गया श्रद्धा अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया है। उपरोक्त कार्यक्रम में कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सांय 7 बजे तक कया व्यास विश्व विख्यात भागवत रत्न
श्रद्धेय आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी श्रीधाम वृंदावन के मुखारविंद से होगी
13 सितंबर को शोभा यात्रा के साथ होगा कथा का प्रारंभ
गर्ग परिवार खरसिया की श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ शोभा यात्रा के साथ होगा जो की रविवार 13 सितंबर 2026 प्रातः 10 बजे, श्री श्याम मंदिर, स्टेशन चौक, खरसिया से से निकल कर शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए कथा स्थल पर पहुंचेगी
श्रीमद् भागवत कथा के उत्सव प्रसंग
गर्ग परिवार बहु झोलरी वाले खरसिया की श्रीमद् भागवत कथा में रविवार 13 सितंबर 2026 को कलश यात्रा स्थापना श्रीमद् भागवत महात्म्य एवं मंगलाचरण।सोमवार 14 सितंबर 2026 को कपिल भगवान चरित्र कपिल गीता एवं ध्रुव चरित्र मंगलवार 15 सितंबर 2026 को
श्री जड़भरत कथा श्री प्रहलाद चरित्र।बुधवार 16 सितंबर 2026 को श्री बली वामन भगवान श्री राम जन्म, श्री कृष्ण जन्म, नंद उत्सव। गुरुवार 17 सितंबर 2026 को कृष्ण लीला, श्री गोवर्धन पूजा झुला उत्सव, छप्पन भोग।शुक्रवार 18 सितंबर 2026 को महारास लीला, उद्धव चरित्र, श्री कृष्ण मथुरा गमन, एवं रुकमिणी विवाह।शनिवार 19 सितंबर 2026 होली उत्सव, कथा विश्राम, हवन का कार्यक्रम होगा एवं रविवार 20 सितंबर 2026 पूर्णाहूति एवं गीता पाठ के साथ संपन्न होगा तथा परिवार जनों द्वारा गया जी से वापस लौटने पर भण्डारा एवं प्रसाद का आयोजन मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 दोपहर 12 बजे स्थानः कन्या विवाह भवन, खरसिया मैं रखा गया है
श्रीमद् भागवत कथा आयोजक परिवार के सम्माननीय सदस्यगण
खरसिया में 13 सितंबर से प्रारंभ होने वाली पितृ मोक्षार्थ गया श्रद्धा अंतर्गत श्री भागवत कथा के आयोजक परिवार गर्ग परिवार बहु झोलरी वाले
ताराचंद शिवलाल गर्ग-ताराचंद मांगेलाल गर्ग
सूरजमान रमेश कुमार गर्ग
प्यारेलाल विष्णू प्रसाद गर्ग सत्यनारायण गोवर्धन प्रसाद गर्ग
बाबूलाल नटवरलाल गर्ग शिवलाल कंवरलाल गर्ग शिवलाल रामअवतार गर्ग
टेकचंद बनवारीलाल गर्ग टेकचंद गोपीराम गर्ग (GR GROUP)
हरि कुमार जयप्रकाश गर्ग
केशव प्रसाद मनीष गर्ग
बनवारीलाल छेदीलाल गर्ग बनवारीलाल बाबूलाल गर्ग बनवारीलाल विजय गर्ग
नरसिंगदास खेमचंद गर्ग-खेमचंद दुर्गा प्रसाद गर्ग
जीतराम बैजनाथ गर्ग-बैजनाथ श्यामसुंदर गर्ग
श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी आयोजक परिवार के निम्नांकित सदस्यों से प्राप्त की जा सकती है
01- कमल गर्ग (अध्यक्ष न.पा.प. खरसिया) 9826348576
02- सुनिल गर्ग (पूर्व अध्यक्ष न.पा.प. खरसिया) 9826520201
“03-* विमल गर्ग (बिल्लू) 9826194897
04- दुर्गा गर्ग 9329827408
05- राकेश गर्ग 9754900000
06- मयंक गर्ग (मोन्टी) 9682900000
व्यास पीठ पर विराजमान होने वाले परम पूज्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी का जीवन परिचय
श्री हरिदास वैष्णव संप्रादाचार्य विश्व विस्च्यात भागवत रत्न श्रद्धेय आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी श्री धाम वृंदावन ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के शयन भोग सेवा अधिकारी एवं श्रीमद्भागवत के सर्वोत्तम वक्ता के रूप में भारतवर्ष के प्रसिद्ध कथा व्यास पिता श्री हरिदासीय वैष्णव संप्रदायाचार्य गोस्वामी श्री मूल बिहारी जी महाराज धर्मनिष्ठ कर्तव्य परायण सुसंस्कृत माता श्रीमती शांति देवी गोस्वामी को सरस्वती वरदान रूप में मिले पूज्य श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज आज संपूर्ण विश्व में अपनी अनूठी संगीतमय शैली सारगर्भित भागवत विवेचना मधुर वाणी वह वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कथाओं का भक्ति रसपान कराने में निश्चय ही उच्चतम स्थान रखते हैं।अल्पायु में वंश परंपरा अनुरूप पिता श्री से दीक्षा ग्रहण कर संस्कृत भाषा ज्ञान भागवत संस्कृत मूल पाठ रामचरितमानस चौपाइयां व श्लोक कंठस्थ किए। प्रथमा से आचार्य तक की व्याकरण के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर संगीत शिक्षा में स्वामी श्री हरिदास जी की वंश परंपरा में सुनहरी कड़ी की तरह अलौकिक ढंग से श्लोकों को रागबद्ध गायन एवं विलक्षण स्मरणीय शक्तिधारक होने के कारण महाराज श्री अपनी विशेष छवि रखते हैं।16 वर्ष की छोटी आयु में प्रथम भागवत कथा हरिद्वार गंगा तट पर शुभारंभ कर निरंतर सप्ताह कथाओं में ज्ञान-दान देकर कोटि-कोटि श्रद्धालुओं को भक्ति रसपान करा रहे हैं। महाराज श्री अवतारी पुरुषों की पावन स्मृतियों से संबंधित आदि ग्रंथों की कथाओं में समाहित भारतीय संस्कृति को मंदाकिनी की मधुर धारा में जोड़कर धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश को मधुर संगीत की लड़ी में पिरोकर, लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं को अंतिम श्वास तक भागवत सुनाने की मनो इच्छा रखते हुए भौतिकवाद की चकाचौंध में डूबे हुए लोगों को सात्विक जीवन जीने के सूत्र प्रदान करते हुए श्री राधा कृष्ण (श्री बांके बिहारी जी) की भक्ति की ओर प्रेरित व उत्साहित करते हुए अपनी अविरलभागवत कथा यात्रा में प्रसन्नता पूर्वक बढ़ते जा रहे हैंकथा के साथ-साथ महाराज श्री के सानिध्य में श्री भागवत मिशन के माध्यम से श्री राधारानी गौशाला सुचारू रूप से संचालित है।







